हिसार:- प्रसिद्ध श्री तिरुपति बालाजी धाम में होली महोत्सव की धूम रही। श्रद्धालु फूलों की होली खेलते हुए भक्तिभाव से ओतप्रोत दिखाई दिए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बिना पानी की फूलों की होली खेली और भक्तों को इत्र की वर्षा में सराबोर होने का भी मौका मिला। इस दौरान कई प्रसिद्ध भजन गायकों व उनकी मंडली ने भजनों के माध्यम से समां बांध दिया। होली के भजन सुनकर भक्तगण भावविभोर होकर झूमने लगे। इस अवसर पर भक्तों ने श्री तिरुपति बालाजी, माता पद्मावती व माता गोदांबा सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों के दर्शन किए।
   होली महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और गायकों ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को अभिभूत कर दिया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर फूल बरसाते हुए होली की शुभकामनाएं दी। इस महोत्सव के लिए धाम में कई तरह के फूलों का विशेष प्रबंध किया गया। महोत्सव के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने सात्विक भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
    होली महोत्सव में शिरकत करने वाले श्रद्धालुओं ने धाम में स्थापित श्री वेंकटेश भगवान जी, श्री पद्मावती माता जी, श्री गोदांबा माता जी, श्री गरुड़ जी, श्री लक्ष्मी नृसिंह जी, श्री सुदर्शन जी, श्री रामानुज स्वामी जी, श्री शठकोप स्वामी जी, श्री वरवर मुनि जी एवं श्री हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करके आराधना की और मन्नत मांगी। श्री तिरुपति धाम में स्थापित 42 फुट ऊंचा सोने का श्री गरुड़ स्तंभ, बलिपीठम्, श्री तिरुपति यज्ञशाला व 71 फुट ऊंचा गोपुरम भी विशेष दर्शनीय रहे। 
देखा जाए तो हिसार में अग्रोहा रोड पर टोल प्लाजा के पास दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित श्री तिरुपति धाम लोगों को आध्यात्मिक व सामाजिक सरोकारों से जोडऩे का काम कर रहा है। यहां विशेष दिवसों व अवसरों पर विभिन्न आयोजन तो होते ही हैं, इसके साथ-साथ हर शुक्रवार को भगवान जी की सवारी भी निकाली जाती है। इन अवसरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ का कोई पारावार नहीं रहता है।