अंबाला, 20 अगस्त:- सूर्य कवि दादा लखमी चंद की 123वीं जयंती के मौके पर 23 जुलाई को दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी रोहतक में हरियाणा साहित्य और संस्कृति अकादमी और यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित साहित्यिक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया जिसमें पंजाबी, हिंदी, हरियाणवी, संस्कृत और उर्दू के साहित्यकारों और विद्वानों को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा सम्मानित किया गया था। पर कुछ न टाले जा सकने वाले कारणों से कुछ साहित्यकार पुरस्कार लेने के लिए निर्धारित प्रोग्राम अनुसार पहुंच नहीं सके थे। 
उनमें साल 2019 के हरियाणा पंजाबी गौरव पुरस्कार प्राप्त गुरबख्श सिंह सैनी (पंचकूला) और महां कवि भाई संतोख सिंह पुरस्कार प्राप्त डॉ. चरणजीत कौर (मोहाली) महावीर थे। इनको अब अकादमी भवन में सम्मानित किया गया है। इन दोनों को अकादमी के कार्यकारी उप-चेयरमैन डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, मेंबर सचिव मनजीत सिंह और पंजाबी विभाग के डायरेक्टर हरपाल सिंह गिल द्वारा पुरस्कार, शाल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि साहित्य की उन्नति के लिए अकादमी द्वारा हर संभव यत्न किया जा रहा है। उच्च स्तरीय साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग भाषाओं से अनुवाद करके अकादमी के जरिए छापा जा रहा है। इसी कड़ी के तहत ‘वाल्मीकि रामायण के बाल कांड’ को पंजाबी भाषा में अनुवाद करके छापा गया 
उन्होंने बताया कि इस संस्था द्वारा जहां हिंदी, पंजाबी, उर्दू और संस्कृत भाषाओं में पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं, वहीं अकादमी गतिविधियों और भविष्य में उलीके प्रोग्राम पाठकों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों तक पहुंचाने के लिए आज की तकनीक का सहारा लेते हुए मासिक ई-पत्रिका व्हाट्स-एप ग्रुप के जरिए प्रदेश भर में भेजी जा रही है, जिससे प्रांत भर के लोग बहुत थोड़े समय में अकादमी से जुड़ सकेंगे।