हांसी:– हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने वीरवार को हांसी जिले का प्रथम दौरा कर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य सेवाओं तथा शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ  समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी सरकारी कार्यालय में अपनी समस्या लेकर आने वाली महिला की शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर पूरी संवेदनशीलता, गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से महिला आयोग लगातार जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है, ताकि महिलाओं को किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि हांसी दौरे के दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ महिलाओं की सुरक्षा, महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा महिला कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि महिलाओं से संबंधित प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे महिलाओं का प्रशासन एवं कानून व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
बैठक के उपरांत महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल हांसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला वार्ड, प्रसूति वार्ड, पिंक ओपीडी, औषधि वितरण कक्ष सहित विभिन्न विभागों का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, महिला एवं पुरुष शौचालयों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला मरीजों से सीधे संवाद कर उपचार व्यवस्था, चिकित्सकों के व्यवहार, दवाइयों की उपलब्धता तथा अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ढाणी राजू निवासी राजवंती सहित अन्य महिला मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि चिकित्सक मरीजों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करते हैं, गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाता है तथा आवश्यक दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मीना परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित पिंक ओपीडी की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं सहज एवं सम्मानजनक वातावरण में प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य प्रत्येक महिला को सुरक्षित माहौल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उनके अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने औषधि वितरण कक्ष में उपलब्ध दवाइयों का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर एवं दवाइयों के लेबल की भी जांच की तथा स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक जीवनरक्षक एवं सामान्य उपयोग की दवाइयों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखी जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके पश्चात उपाध्यक्ष मीना परमार ने महिला थाना हांसी का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला थाना में दर्ज शिकायतों के रजिस्टर का अवलोकन करते हुए विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता, गंभीरता एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके और कानून व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। प्रशासन, पुलिस और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण का माहौल तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एसडीएम राजेश खोथ, सीटीएम हिमांशु चौहान, सिविल सर्जन डॉ राहुल बुद्धिराजा, डीपीओ वैशाली, पीपीओ बबीता,महिला थाना प्रभारी सरोज देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी, भाजपा जिला महामंत्री धर्मवीर रतेरिया, एमिनेंट पर्सन ओमप्रकाश यादव, कष्ट निवारण समिति के सदस्य वजीर मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।