हिसार:- श्री सुरभि गौ महायज्ञ, सवा करोड़ श्री सुरभि मंत्र जाप अनुष्ठान और श्रीमद गौ भागवत कथा में आस्था का सागर उमड़ रहा है। इस गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान में हिसार शहर व विभिन्न गांवों से श्रद्धालु बढ़-चढक़र हिस्सा ले रहे हैं। तोशाम रोड स्थित सरस्वती कॉलेज प्रांगण में चल रहे इस अनुष्ठान के छठे दिन गौ महायज्ञ व गौकथा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक ने गौकथा के दौरान श्रीकृष्ण लीला का वर्णन किया तो श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण गायों की सेवा और रक्षा करते थे, इसलिए उन्हें गोपाला कहा जाता है। गायों के बीच निवास करने के कारण उन्हें गोविंद कहा जाने लगा। देवराज इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों व गायों को बचाने के लिए उन्होंने गोवर्धन पर्वत को उठाया। यह गोमाता के प्रति श्रीकृष्ण के असीम प्रेम को दर्शाता है। विदुषी बेला पारीक ने कहा कि गोमाता की सेवा करना प्रभु के प्रति प्रेम, भक्ति, सात्विकता और निष्ठा का प्रतीक है।
     श्री सुरभि गौ महायज्ञ के छठे दिन सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन विजय ढल, कमलेश ढल, डायरेक्टर विकास ढल, डॉ. सोनिया रानी, दीपक ढल, बजरंग जिंदल, पवन जिंदल, गीता देवी गुप्ता, नीरज कुमार गुप्ता, महावीर अग्रवाल, सत्यप्रकाश आर्य व मनीराम ने जनकल्याण के निमित हवन किया। छठे दिन श्रीमद गौ भागवत कथा में मेयर प्रवीण पोपली मुख्यातिथि के रूप में मौजद रहे। इस अवसर पर केशव टंड, मुकेश टांगड़ी, रविंद्र धवन, पृथ्वी सिंह व विजय ढल ने विधि-विधान से दीप प्रज्ज्वलित किया।
     मातृभूमि सेवा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक ने सालीग्राम गौशाला से सुरेंद्र गर्ग, शिक्षक संघ प्रधान डॉ. अशोक गोदारा, डॉ. मदन खीचड़, डॉ. ओमप्रकाश बिश्नोई, डॉ. रामनिवास सैनी, सतीश सेहरा, बित्तू, ठसका मंदिर से सीताराम, डॉ. श्रीकांत, भाजपा जिला युवा अध्यक्ष विकास गौड़, पूर्व पार्षद सुशील शर्मा, सुरेश जांगड़ा, प्रकाश व पवन वत्स को पटका पहनाकर सम्मानित किया।  इस अवसर पर नीरज कुमार गुप्ता ने कुशलतापूर्वक मंच संचालन किया।
    सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के डायरेक्टर व गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान संचालन समिति के व्यवस्था प्रमुख विकास ढल ने बताया कि 30 मार्च को आयोजित होने वाले पूर्णाहुति गौ महायज्ञ व भंडारे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक के सान्निध्य में 30 मार्च को विधि-विधान से प्रात: 9 बजे पूर्णाहुति गौ महायज्ञ किया जाएगा और प्रात: 11 बजे से अटूट भंडारा शुरू हो जाएगा। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु बढ़-चढक़र हिस्सा लेंगे।
   उन्होंने बताया कि कथा व्यास विदुषी बेला पारीक श्रीमद गौ भागवत कथा के माध्यम से सुकदेव जी के जन्म की कथा व सवी प्रसंग से साक्षात्कार करवा चुकी हैं। उन्होंने समुद्र मंथन व कामधेनु गौमाता के प्राकट्य प्रसंग से भी रूबरू करवाया है। शिव-विवाह झांकी व श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही है। उन्होंने क्षीर सिंधु की उत्पत्ति, कृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन एवं गोमय महत्व पर प्रकाश डाला है। इसी भांति श्रीकृष्ण द्वारकाधीश चरित्र (रुक्मणि मंगल) पर आधारित प्रवचन देकर उन्होंने भगवान की भक्ति के लिए प्रेरित किया है।