रतिया, 24 अक्टूबर- हुक्मावली गांव में पराली निपटान के लिए किसानों को अब तक बेलर मशीनें उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। गांव के खेत में इकठे हुए किसानों ने कहा कि प्रशासन केवल मीटिंगों और वादों तक सीमित है, ज़मीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे किसानों में भारी नाराज़गी है।
भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहाँ) के जिला प्रधान कामरेड निर्भय रतिया ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी भी किसान पर पराली जलाने को लेकर मुकदमा दर्ज किया या जुर्माना लगाया, तो किसान पराली की ट्रॉलियाँ भरकर कृषि विभाग के अधिकारियों और एसडीएम के दफ्तरों के गेट पर गिराएँगे।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को किसानों को अपराधी बनाने के बजाय पराली प्रबंधन के लिए संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। जब तक किसानों को बेलर और अन्य ज़रूरी साधन नहीं दिए जाते, तब तक किसी पर भी कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है।
भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहाँ) किसानों के हक़ों के लिए संघर्षरत है और यदि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो ज़िला स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मोके पर मौजूद किसान सरदूल सिंह,गुरप्रीत सिंह,वीरू सिंह,प्रकाश चंद,जग्गी सिंह,गुरदियाल सिंह,संदीप सिंह,नाथू राम,अवतार सिंह,जगतार सिंह,सरदूल सिंह ने खेतों में पड़े धान की पराली को दिखाते हुए अपनी समस्याओं का व्यख्यान किया|
हुक्मावली गांव में किसानों को नहीं मिल रहे बेलर प्रशासन दे रहा केवल झूठे आश्वासन निर्भय सिंह
