एडमंटन (कनाडा):- खूबसूरत एडमंटन पब्लिक लाइब्रेरी 17 स्ट्रीट मीडोज में विश्व पंजाबी सभा ब्रेंटन (कनाडा) के चेयरमैन डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया के गर्मजोशी से भरे सहयोग से विश्व पंजाबी सभा एडमंटन इकाई का गठन किया गया। इस सभा का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें बलविंदर सिंह बालम को संरक्षक, दलबीर सिंह रियाड़ को प्रधान, अमृत पाल सिंह को जनरल सचिव, सुरजीत कौर धालीवाल को सीनियर मीत प्रधान, दलजीत कौर मंडेर को मीत प्रधान, सतनाम सिंह गाहले को सचिव, तेजिंदरपाल लाली को सचिव, और मैनेजर नरेंद्र सिंह को खजांची चुना गया। सलाहकारों में अर्शदीप कौर बराड़, गुरजीत कौर बराड़, बलबीर कौर चीमा का चयन किया गया।
सभा के संरक्षक बलविंदर बालम और प्रधान दलबीर सिंह रियाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि कनाडा जैसे देश में रहकर पंजाबी और पंजाबियत की साहित्य-संस्कृति के रूप में सेवाएं देना एक शुभ शगुन है। अपने बच्चों को, युवा पीढ़ी को अपनी मां बोली, साहित्य और अन्य खेल क्रियाओं, मेलों के जरिए जोड़े रखना ही सही मायनों में पंजाबी मां बोली की सृजनात्मक सेवा है। मां बोली को जिंदा रखने का एक अनुप्राणित और प्रोत्साहित प्रयास है। 
कौमें अपने कल्चर के कारण ही जीवित रहती हैं और यह पंजाबी सभा भी मां बोली और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बहुमूल्य योगदान देती रहेगी। उन्होंने कहा कि समाज में आज नारी ने सुंदरता और स्वरूप की परिभाषा बदल दी है। जवानी हो या बुढ़ापा, दुख हो या सुख, एकता हो या समूह, जीवन के हर मोड़ पर साहित्य मानव को अनुप्राणित और प्रोत्साहित करता है। आध्यात्मिक जीवन तो साहित्य का बहुत ही सबल रूप है।
इस एकत्रता के दौरान उपस्थित कवियों और कवयित्रियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से संस्कृति और मां बोली का संदेश दिया। इस एकत्रता में लेखकों, कवियों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भारी संख्या में शिरकत की। जिनमें अजीत सिंह खानगुस्सा, पारस महेदियां, गुरबचन सिंह अटवाल, अमरजीत सिंह संधू, एस. बराड़, एम.के. परमार, अमरदीप कौर, दलजीत कौर मंडेर, जसमेल बाथ, हरमेश गिल, बलबीर कौर चीमा, गुरजीत बराड़, तजिंदर पाल सिंह रियाड़, जसप्रीत कौर, अमरीक सिंह, पॉल अमर सिंह, नरेंद्र सिंह चीमा, संत राम, कमलजीत सिंह, तजिंदर सिंह, गुरदयाल सिंह संघा, सिमरन, वरिंदर कौर, पलविंदर कौर, सतनाम सिंह, राजविंदर कौर, सुखविंदर कौर, हरदीप कौर, अर्शदीप कौर, परमजीत कौर, सुखदेव सिंह, बख्शीश सिंह, मनदीप कौर और जसपाल सिंह ने भाग लिया। अंत में आए हुए सभी लेखकों, विद्वानों, कवियों का सभा के प्रधान दलबीर सिंह रियाड़ द्वारा धन्यवाद किया गया।