नंगल/ऊना, 4 जुलाई (राजवीर चोपड़ा):- एसएसआरवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नया नंगल में ‘21वीं सदी के बच्चों को कैसे समझें’ विषय पर एक जागरूकता एवं शिक्षाप्रद सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य बदलते समय में बच्चों की सोच, व्यवहार और आवश्यकताओं को समझते हुए अभिभावकों एवं शिक्षकों को प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करना था।
सेमिनार की मुख्य वक्ता श्रीमती पाहुल पदम (डिपार्टमेंट ऑफ सॉफ्ट स्किल्स, एलपीयू) तथा मुख्य वक्ता श्री सुमेर खुल्लर (ऑफिसर, दिशा, एलपीयू) रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना/प्रार्थना के साथ किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि आज का बच्चा डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया के बीच बड़ा हो रहा है। उसकी सोच, सीखने का तरीका और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पहले की पीढ़ियों से काफी अलग है। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को समझना और उन्हें सही दिशा प्रदान करना है।
सेमिनार के दौरान बच्चों के स्क्रीन टाइम को संतुलित करने, उनकी रचनात्मक एवं तार्किक सोच को विकसित करने तथा सकारात्मक संवाद के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि बच्चे डांट-फटकार से नहीं, बल्कि प्यार, संवाद और समझदारी से बेहतर सीखते हैं। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल के महाप्रबंधक श्री सुमेश शर्मा ने श्रीमती पाहुल पदम और श्री सुमेर खुल्लर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में बच्चों का सही मार्गदर्शन करना शिक्षकों और अभिभावकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है तथा सभी को मिलकर इस चुनौती का सकारात्मक ढंग से सामना करना होगा।
एसएसआरवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल नया नंगल में 21वीं सदी के बच्चों को कैसे समझें विषय पर शिक्षाप्रद सेमिनार आयोजित
