करनाल, 25 जुलाई:- सीजीपी के 31 दिन पुराने आंदोलन के बाद देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा आज अपने पद से त्यागपत्र देने के घटनाक्रम को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री रमेश सैनी ने लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि मोदी सरकार के किसी मंत्री को जनआंदोलन के कारण अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा है। यह भारतीय संविधान की जीत है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देशभर के युवाओं ने शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर एकजुट होकर छात्र आंदोलन किया, उसने आजादी के दौर के आंदोलनों की याद दिला दी। छात्रों में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद और महात्मा फुले जैसे महान क्रांतिकारियों का प्रतिबिंब दिखाई दे रहा था। वहीं छात्राओं में महारानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियों की प्रेरणा स्पष्ट नजर आ रही थी।
रमेश सैनी ने कहा कि इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में दमन के लिए कोई जगह नहीं है। छात्रों ने पूरे धैर्य और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया तथा किसी भी प्रकार के दमन के आगे झुके नहीं। अंततः उन्होंने अपनी एकजुटता के बल पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र आंदोलन की गूंज सुनाई दे रही थी और हर तरफ युवा इस आंदोलन को लेकर संकल्पित दिखाई दिए। पहली बार यह देखने को मिला कि आंदोलन जाति-पात, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर था। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर सभी छात्रों को बधाई दी।