करनाल, 11 नवम्बर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा ने गत दिवस जिला ए.डी.आर सैंटर मे कैंपेन ”जागरूक जाओ“ के तहत माइग्रेशन इंफॉर्मेशन एंड अवेयरनेस सेंटर का उद्घाटन किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इरम हसन ने उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं और मैडिएटरस को बताया कि 9 नवंबर को हर वर्ष नेशनल लीगल सर्विसेज डे मनाया जाता है। इसी उपलक्ष मे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 10 नवम्बर तक जिला के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी मे आज जिला ए.डी.आर सेंटर में माइग्रेशन इंफॉर्मेशन एंड अवेयरनेस सैंटर का उद्घाटन किया गया।
सीजेएम डाॅ. इरम हसन ने उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं व मैडिएटरस को बताया कि सैंटर की शुरूआत इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (संयुक्त राष्ट्र संस्थान) की सहायता से की गई है। उनकी टीम द्वारा जन साधारण को जिला के विभिन्न इलाकों में माइग्रेशन संबधित जानकारी प्रदान की जाएगी व जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
आई.ओ.एम के नेशनल ऑफिसर (यू.एन माइग्रेशन) आलोक कुमार ने बताया कि ”जागरूक जाओ“ एक बहु भागीदार पहल है, जिसे आई.ओ.एम इंडिया द्वारा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से क्षेत्रीय भागीदार के रूप में तथा डाटालीडस द्वारा संचालन हेतु कार्यान्वित किया जा रहा है। इसके माध्यम से इच्छुक छात्र और श्रमिकों को सुरक्षित प्रवासन प्रक्रिया और अनियमित प्रवासन के जोखिमों बारे सटीक और विश्वसनीय जानकारी प्रदान की जाएगी।
डेटालीडस के सी.ई.ओ सैयद नजाकत ने बताया कि यह पहल प्रमुख गंतव्य देशों में जीवन और कार्य स्थितियों, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करेगी। कार्यक्रम के अंत में आई.ओ.एम के नेशनल ऑफिसर (यू.एन माइग्रेशन) आलोक कुमार ने बताया कि इस पहल की सफलता हरियाणा के अन्य जिलों और भारत के अन्य राज्यों में एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी। जिससे सरकारी और निजी भागीदारी के प्रभाव को स्थानीय नेटवर्क के सहयोग से सुरक्षित प्रवासन सुनिश्चित करने हेतु बढ़ाया जा सके।