करनाल, 24 अक्टूबर (प्रवीण वालिया):- आमतौर पर डॉक्टर मरीजों का इलाज कर उन्हें स्वस्थ जीवन जीने की सलाह देते हैं, लेकिन करनाल के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बलवीर सिंह विर्क ने अपनी जीवनशैली में बदलाव करके दूसरों के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। कभी बढ़ते वजन और शुगर व बीपी जैसी समस्याओं से चिंतित रहे डॉ. विर्क ने अपनी दिनचर्या में दौड़ने और नियमित व्यायाम को शामिल किया। आज 50 वर्ष से अधिक उम्र में भी उनका उत्साह युवाओं को स्वस्थ रहने की प्रेरणा दे रहा है।

पिछले चार वर्षों में डॉ. विर्क चार देशों और भारत के एक दर्जन से अधिक प्रमुख शहरों में आयोजित 11 फुल मैराथन और 125 मिनी मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अमेरिका के शिकागो में आयोजित 42 किलोमीटर की मैराथन पूरी कर भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाया। शिकागो में आयोजित इस मैराथन में करीब 55 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें शहर के ऐतिहासिक स्थलों को देखने का अवसर भी मिला। उनके साथ करनाल के राहुल चौधरी ने भी मैराथन में भाग लिया।

डॉ. विर्क ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उनका वजन बढ़ने लगा था और जीवनशैली से जुड़ी शुगर व बीपी की समस्याओं ने उन्हें अपनी सेहत के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या सुधारने और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने कर्ण स्टेडियम में दौड़ना शुरू किया। इस दौरान उनके मित्र और सहयोगी प्रवेश गाबा भी उनके साथ जुड़ गए। धीरे-धीरे यह प्रयास एक समूह में बदल गया और आज उनके साथ करीब 35 लोग नियमित रूप से इस गतिविधि से जुड़े हुए हैं।

डॉ. विर्क ने अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन सहित विभिन्न देशों तथा कोलकाता, दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में आयोजित मैराथन में भाग लेकर अपनी फिटनेस यात्रा को आगे बढ़ाया है। उनका कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में कम से कम एक घंटा शारीरिक गतिविधियों के लिए निकालना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से उन्होंने जंक फूड और खानपान की कुछ अस्वस्थ आदतों को छोड़कर अपनी जीवनशैली में बदलाव किया है। उनके अनुसार, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और अनुशासित दिनचर्या स्वस्थ रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सर्दियों में भी लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम करना चाहिए। डॉ. विर्क का मानना है कि बदलाव की शुरुआत किसी भी उम्र में की जा सकती है। जब व्यक्ति अपनी सेहत के प्रति जागरूक होकर कदम उठाता है, तो वही कदम दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन जाते हैं।