संगरूर, 27 अक्टूबर:- पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, एस.ए.एस. नगर के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल के नेतृत्व में तथा राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट), 2012 के बारे में जागरूक करने के लिए देशव्यापी स्कूल जागरूकता अभियान “सुरक्षित बचपन अभियान” के पहले चरण की शुरुआत आज संगरूर जिले में जनरल गुरनाम सिंह पब्लिक स्कूल, संगरूर में जागरूकता सत्र के साथ की गई।
इस जागरूकता सत्र का नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-अध्यक्ष, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, संगरूर श्री मुनीश सिंगल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद भी किया और उन्हें इस अभियान के नेक उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, संगरूर के सचिव-कम-सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्री आशीष ठठई, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सुश्री मनप्रीत कौर और स्कूल के प्रधानाचार्य श्री दिनेश देव थपलियाल उपस्थित थे।
श्री आशीष ठठई ने बच्चों को पोक्सो एक्ट, 2012 के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों और कानून के बारे में सरल भाषा में समझाया तथा बताया कि किसी भी परेशानी या अनुचित व्यवहार का सामना करने पर उन्हें अपने भरोसेमंद बड़ों, शिक्षकों या माता-पिता से खुलकर बात करनी चाहिए। एडवोकेट श्री आशी गोयल और साइबर सेल/साइबर पुलिस स्टेशन के साइबर विशेषज्ञ श्री योगेश कुमार ने भी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया।
इस अभियान के तहत संगरूर जिले के स्कूलों में 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में न्यायिक अधिकारी, पैनल एडवोकेट, पैरा-लीगल स्वयंसेवक, बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, साइबर विशेषज्ञ तथा कानून के विद्यार्थी बच्चों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, पोक्सो और उपलब्ध कानूनी उपायों, ऑनलाइन सुरक्षा, बाल विवाह तथा बच्चों के शोषण और दुर्व्यवहार के अन्य रूपों के बारे में जागरूक करेंगे।
इसके साथ ही जागरूकता सत्रों के माध्यम से बच्चों को बाल हेल्पलाइन 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, संगरूर ने सभी माता-पिता, शिक्षकों और आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों का बचपन सुरक्षित बनाने के लिए इस अभियान में पूरा सहयोग दें।
