पटियाला:- पंजाब के एडिड स्कूलों के सैंकड़ों अध्यापक लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था को मजबूत रखते हुए पंजाब में होने जा रहे पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव में अपनी ड्यूटी देने के लिए पूरी तरह से कमर कसे हुए हैं। 
पंजाब ऐडेड स्कूल टीचर्स एंड अदर एम्पलाइज यूनियन के प्रादेशिक नेताओं अश्वनी मदान, हरविंदर पाल और अनिल ने यह कहा कि हालांकि पंजाब सरकार एडिड स्कूलों के प्रति बहुत सौतेला व्यवहार कर रही है और पिछले 8 महीनो से पंजाब के सैकड़ो ऐडेड स्कूल टीचर्स एंड अदर एम्पलाइज को कोई तनख्वाह नहीं मिली है। 
पंजाब के लगभग 1700 एडिड स्कूल इंप्लाइज इस समय पंजाब सरकार की गलत नीतियों के कारण बहुत बुरी आर्थिक मंदहाली की अवस्था से गुजर रहे हैं , लेकिन इसके बावजूद भी जब चुनाव आयोग की ओर से पूरे पंजाब के सैकड़ो एडिड स्कूल कर्मचारियों की पंजाब में होने जा रहे पंचायत समितियां और जिला परिषदों के चुनाव में चुनावी ड्युटियां लगाई गई हैं तो लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था को व्यक्त करते हुए खुशी-खुशी से अपनी पूरी ड्यूटी पूरी तनदेही से  लग गए हैं ।
यहां यह भी वर्णनीय है कि अप्रैल 2025 से इन स्कूलों के अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों को पंजाब सरकार की ओर से तनख्वाहों (ग्रांट इन ऐड) को जारी नहीं किया जा रहा है। यूनियन की पंजाब इकाई की ओर से पंजाब सरकार से यह है पुरजोर मांग की गई है कि पंजाब में शिक्षा के स्तर को बहुत ऊंचा उठाने में पंजाब के सैकड़ो एडिड स्कूलों के 1700 कर्मचारियों की दी गई सेवाओं को सम्मुख रखते हुए पंजाब के सभी अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों की बिना किसी कसूर के रोकी गई तनख्वाहों को तुरंत जारी किया जाए।