नवांशहर, 30 सितंबर:- डिप्टी कमिश्नर श्री गुलप्रीत सिंह औलख की अध्यक्षता में आज जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में जिला रोड सेफ्टी कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न अहम मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई और सड़क हादसों की रोकथाम और ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मीटिंग में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिले की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें डॉ. अंबेडकर चौक की ट्रैफिक लाइट, चंडीगढ़-फगवाड़ा सड़क के नवांशहर की ओर जाते हिस्से पर लाइट पोल लगाने, लंगड़ोआ और महालों के एंट्री/एग्जिट प्वाइंट्स पर ट्रैफिक प्रबंध और ट्रैफिक फर्नीचर से संबंधित कार्य शामिल रहे।
डिप्टी कमिश्नर ने ई-DAR की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को सड़क हादसों से जुड़े मामलों का डेटा समय पर अपडेट करने और आपसी तालमेल से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मीटिंग में राह-वीर योजना और फरिश्ते योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सड़क हादसा पीड़ितों को समय पर सहायता देने की व्यवस्था को और असरदार बनाने पर जोर दिया गया।
पीएम-राहत योजना की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा हेलमेट नियमों के पालन, चालान की स्थिति, LED/सफेद तेज लाइटों संबंधी जब्ती की कार्रवाई और गलत लेन में वाहन चलाने के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डिप्टी कमिश्नर ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई और जिले में हादसा संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और उनके सुधार के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और पिछले महीने के दौरान पैदल यात्रियों से संबंधित चोट और मौत के मामलों की भी समीक्षा की गई।
डिप्टी कमिश्नर श्री गुलप्रीत सिंह औलख ने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और विभिन्न विभागों के बेहतर तालमेल से ही सड़क हादसों में कमी और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
