संतोषगढ़/ऊना, 17 जून (राजवीर चोपड़ा):- हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा सीबीएसई से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में गणित विषय के 308 शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए जाने के बाद नगर परिषद संतोषगढ़ के लिए गर्व का अवसर सामने आया है। संतोषगढ़ की दो प्रतिभाशाली युवतियों, दीपिका और शिवानी, ने गणित शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त कर न केवल नगर परिषद संतोषगढ़ बल्कि पूरे जिला ऊना का नाम रोशन किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद संतोषगढ़ के वार्ड नंबर 8 की निवासी शिवानी, पुत्री सुभाष चंद, जिनकी शैक्षणिक योग्यता एम.ए. (गणित) एवं बी.एड. है, को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय हरोली, जिला ऊना में गणित शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं वार्ड नंबर 9 की निवासी दीपिका, पुत्री रविंद्र कुमार, जिनकी शैक्षणिक योग्यता एम.एससी. (गणित) एवं बी.एड. है, को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैली-जजरी, जिला हमीरपुर में गणित शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिली है।
दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति ‘प्रोफेशनल इंग्लिश एंड मैथमैटिक्स टीचर्स सब-स्कीम’ के अंतर्गत पांच वर्ष के अनुबंध आधार पर की गई है। नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद दोनों ने अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार भी संभाल लिया है।
संतोषगढ़ की इन दोनों होनहार बेटियों की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिवानी और दीपिका ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल संतोषगढ़ बल्कि पूरे जिला ऊना का गौरव बढ़ा है।
शिवानी के पिता सुभाष चंद और माता ज्योति ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि शिवानी ने बचपन से ही पढ़ाई के प्रति समर्पण और मेहनत दिखाई थी, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।
वहीं दीपिका के पिता रविंद्र कुमार और माता आशा ने कहा कि उनकी बेटी की सफलता वर्षों की मेहनत, लगन और संघर्ष का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि दीपिका ने हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखकर पढ़ाई की और आज उसकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि एक अभिभावक के लिए इससे बड़ी खुशी और गर्व की बात नहीं हो सकती कि उनकी बेटी शिक्षक बनकर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने जा रही है।