हांसी:– सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफओडी) द्वारा देशभर में विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य परिवारों, उद्यमों तथा अन्य संस्थानों से महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र कर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण के लिए एक मजबूत सांख्यिकीय आधार तैयार करना है।
डीसी राहुल नरवाल ने बताया कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा वर्ष 1950 से लगातार देश के सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित आंकड़ों का संकलन कर रहा है। इस दौरान कार्यालय ने विभिन्न राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों के माध्यम से एक व्यापक और विश्वसनीय डाटाबेस विकसित किया है, जो केंद्र एवं राज्य सरकारों को जनहितकारी योजनाओं, कार्यक्रमों तथा विकास संबंधी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि एनएसओ के प्रशिक्षित अधिकारी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सर्वेक्षण कार्य संपन्न करते हैं। इसके लिए अधिकारियों को ई-सिग्मा सॉफ्टवेयर युक्त हैंडहेल्ड डिजिटल उपकरण (टैबलेट) उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं उद्यम सर्वेक्षणों के लिए सुरक्षित वेब पोर्टलों का उपयोग किया जाता है। वैज्ञानिक सैंपलिंग पद्धति के आधार पर चयनित परिवारों, गांवों, शहरी ब्लॉकों एवं उद्यमों का दौरा कर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाती है।
घरेलू सर्वेक्षणों के दौरान जानकारी परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जानकार सदस्य से प्राप्त की जाती है, जबकि उद्यमों से संबंधित सर्वेक्षणों में अधिकृत प्रतिनिधि अथवा उद्यम के स्वामी द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। सभी सर्वेक्षण निर्धारित मानकों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप संपन्न किए जाते हैं ताकि प्राप्त आंकड़े सटीक एवं विश्वसनीय हों।
डीसी राहुल नरवाल ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त की गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं। किसी भी परिवार, व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान की पहचान रिपोर्टों या प्रकाशित आंकड़ों में उजागर नहीं की जाती। एकत्रित आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाता है और इनका किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं किया जाता।
उन्होंने बताया कि जून 2026 के दौरान एनएसओ (एफओडी) द्वारा विभिन्न जिलों में निर्धारित सर्वेक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) तथा निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए चयनित इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। एनएसओ के अधिकारी समय-समय पर इन इकाइयों से संपर्क कर आवश्यक आंकड़े संकलित करते हैं।
इसके अलावा कार्यशील सहकारी समितियों के त्वरित सर्वेक्षण (अप्रैल-सितंबर 2026) के अंतर्गत चयनित सहकारी समितियों से भी आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। इस कार्य के लिए एनएसओ के अधिकारी संबंधित समितियों एवं संस्थानों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
डीसी ने सभी चयनित परिवारों, उद्यमों, संस्थानों एवं सहकारी समितियों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा सही, सटीक एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। नागरिकों एवं संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से प्राप्त आंकड़े देश के विकास, बेहतर नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का सहयोग राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा तथा इससे विकास योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।