पटियाला, 03 जुलाई:- यादविंद्रा पब्लिक स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (कच्चे और पक्के) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दूसरे दिन भी स्कूल के मुख्य गेट के आगे धरना दिया और रैली निकाली। कर्मचारी अपनी मांगों, जैसे—नौकरी से निकाला जाना, सेवाओं में ब्रेक डालना, न्यूनतम वेतन लागू न करना, बोनस न देना, काम के घंटे निश्चित न होना, त्योहारों की छुट्टियां व आकस्मिक छुट्टियां न देना, गुलामों जैसा व्यवहार करना, और पक्के कर्मचारियों के वेतन में लंबे समय से वृद्धि न करने जैसी समस्याओं तथा प्रबंधन के तानाशाही रवैये के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
आरोप है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के पूर्वजों के नाम पर बने इस स्कूल में सेवानिवृत्त मिलिट्री अधिकारियों द्वारा पुरुष और महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। यहां तानाशाही का बोलबाला है, लेकिन कोई भी सदस्य या चेयरमैन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, जो लंबे समय से प्रबंधन से पीड़ित हैं, के समर्थन में पहुंचे पंजाब के कर्मचारी नेताओं - दर्शन सिंह लुबाणा, राम लाल रामा, राजेश गोलू (राजिंदरा अस्पताल), शिव चरण (प्रधान), अजय कुमार (प्रधान), इंदरपाल वालिया (प्रधान), हरबंस सिंह, दया शंकर, जीवन (प्रधान, टी.बी. अस्पताल), दया शंकर (प्रधान, वाई.पी.एस.), धर्मेंद्र (प्रधान, वाई.पी.एस.), रामजोधा, तरलोक राम, प्रदीप, विक्रम, गुरजीत कौर, अनीता, सीमा, सुशीला शर्मा, संतोष आदि ने कहा कि इस स्कूल में रजवाड़ा शाही है, जहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, विशेषकर सफाई सेवकों का शोषण किया जा रहा है। इस मामले को जिला प्रधान और सफाई आयोग के चेयरमैन श्री चंदन ग्रेवाल के ध्यान में लाया जा रहा है।
स्कूल के आगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ रोष धरना देकर रैली निकाली
