चंडीगढ़, 2 अगस्त:- नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध देशव्यापी अभियान को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के एनएसएस विभाग ने अपने गोद लिए हुए गांवों एवं स्कूलों में "नशा मुक्त भारत, विकसित भारत की है पहचान" विषय के अंतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह अभियान केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के देखरेख में आयोजित किया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एनसीसी/एनएसएस के निदेशक प्रो. (मेजर) ए. एस. चहल ने बताया कि यह कार्यक्रम रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा तथा वाईस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार और नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेविका जशनप्रीत कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से साथियों के दबाव में आकर नशे की ओर न बढ़ने, सोच-समझकर निर्णय लेने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज में नशा विरोधी जागरूकता फैलाकर नशा मुक्त समाज के दूत बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर एनएसएस स्वयंसेवकों और स्कूली विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने "नशे को कहो ना", "नशा छोड़ो, पंजाब बचाओ" तथा "स्वस्थ युवा, समृद्ध भारत" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम प्रो. (मेजर) ए. एस. चहल के मार्गदर्शन एवं निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं को नशा मुक्त, स्वस्थ और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने हेतु इस प्रकार के जागरूकता अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान आरबीयू की एनएसएस इकाई ने गोद लिए गांवों में चलाई जागरूकता मुहिम
