मोहाली 20 नवम्बर: “ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चंडीगढ़ से प्रारम्भ हुए स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण के अंतर्गत चल रहे दो अभियान दलों ने आज मोहाली के कई सुरक्षा संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किये। एक अभियान दल ने विजिलेंस भवन, पंजाब में मानसिक स्वास्थय एवं डिजिटल वेल-बीइंग पर विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में कैप्टन शिव सिंह ने “मेंटल पावर एंड वैल बीईग” पर विचार रखे। 
उन्होंने कहा कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए मन पर कार्य करने की आवश्यकता है। बढ़ते दबावों का सामना करने का एकमात्र वास्तविक समाधान है आंतरिक शक्ति को बढ़ाना, क्योंकि चुनौतियाँ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाएँगी। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान (मेडीटेशन) मानसिक शक्ति बढ़ाने की सबसे प्रभावी तकनीक है। आध्यात्मिकता का अर्थ है स्वयं को जानना।
इसके बाद बीके शैलेन्द्र (माउंट आबू) ने डिजीटल वैल बीईंग पर संक्षिप्त परंतु प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों का संतुलित उपयोग जीवन में शांति और फोकस बनाए रखने के लिए आवश्यक है। सत्र का समापन बी.के. सुमन बहन द्वारा मार्गदर्शित राजयोग ध्यान से हुआ जिसे सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत लाभकारी बताया। तथा गहन शांति की अनुभूति की।
एक अन्य दल ने ऐयरपोर्ट के सी. आई.एस.एफ यूनिट में बी.के.मीनाक्षी बहन ने डिजीटल डीटौक्स विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया । उन्होने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को मानसिक सजगता, भावनात्मक संतुलन और कठिन परिस्थितियों में शांत मन से निर्णय लेने की जरूरत होती है। यूनिट के सहायक कमांडैंट श्री किरन कुमार ने बहनों का गुलदस्ते देकर स्वागत किया ओर धन्यवाद देते ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा तनाव मुक्ति व जवानों को आंतरिक रीती सशक्त करने की सराहना की।
एक अन्य कार्यक्रम एस.सी.एल. के सी. आई.एस.एफ यूनिट में भी आयोजित किया गया जिसका विषय था स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण। इस विषय पर अपने विचार देते हुए बी.के.जयश्री बहन ने कहा कि विचार अलग अलग तरह के होते हैं परंतु उन्हें सकारात्मक व सशक्त बनाने के लिएं राजयोग ध्यान बहुत सहासक सिद्व हो सकता है।
 इस कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मबल, आत्मविश्वास और सकारात्मकता विकसित करने हेतू बी.के.भारती बहन ने अभ्यास भी कराया। प्रतिभागियों ने इन्हें प्रेरक और अत्यंत उपयोगी बताया। एक कार्यक्रम लखनौर स्थित सीमा सुरक्ष बल परिसर में भी आयोजित किया गया जिसमें मुम्बई से पधारे प्ररेणादाई वक्ता प्रोफेसर ई.वी.गिरीश ने मुख्य वक्तव्य मे कहा कि आज के भागमभाग की जिंदगी में मानव शारीरिक तौर पर बहुत मेहनत कर रहा है पर साथ ही साथ नकारात्मक विचारो व स्व-संशय से भी भर रहा है। 
उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक उन्नति के लिए मन व शरीर का सामंजस्य आवश्यक है। उन्हांने कहा कि राजयोग मानव को आंतरिक रीति से सशक्त बनाता है तथा विकट परिस्थतियों में भी सफलता प्रदान करवा सकता है। श्री प्रमोद गंगवार डिप्टी कमांडैंट सीमा सुरक्ष बल ने ब्रह्माकुमारी बहनों का धन्यवाद किया और उनकी निष्काम सेवा की भूरी
भूरी प्रशंसा की। बी.के. सुमन बहन ने राजयोग की विस्तार से व्याख्या की और उसकी गहन अनुभूूति कराई।