मोहाली, 22 दिसम्बर: ब्रह्माकुमारीज सुखशांति भवन, फेज 7, मोहाली में वर्ल्ड मेडिटेशन डे के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहाली-रोपड़ सर्कल की इंचार्ज ब्रह्माकुमारी प्रेमलता ने की और मुख्य अतिथि के रूप में श्री राकेश कुमार पोपली पी सी एस एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, पुडा तथा लगभग साढ़े तीन सौ लोग शामिल हुए।
श्री पवन कुमार गुप्ता मुख्य अभियंता सी पी डब्लयू डी ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया तथा राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। मोहाली-रोपड़ सर्कल के राजयोग केंद्रों की को-इंचार्ज ब्रह्माकुमारी रमा बहन जी ने कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन की व्याख्या की तथा उसका अभ्यास भी कराया।
पुडा के अतिरिक्त मुख्य प्रबंधक श्री राकेश कुमार पोपली पी सी एस ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था विश्व में शांति, एकता व विश्वास लाने का बहुत सराहनीय कार्य कर रही है। यह 6 हजार राजयोग केंद्रों व 50000 पाठशालाओं के द्वारा आध्यात्मिकता सिखा रही हैं। उन्होने कहा कि वह खुद मांउट आबू से होकर आये हैं, वहां सिखाये राजयोग से हमें अपने प्रशासन के कार्यो में बहुत मदद मिली है इसलिए सभी को राजयोग सीखना चाहिए।
ब्रह्माकुमारी प्रेमलता ने बताया कि हम सभी आत्माएँ हैं शरीर नहीं और आत्मा देह रूपी चोला पहनकर यहां केवल पार्ट बजा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजयोग से हमें जीवन में स्थिरता और आंतरिकशक्ति व शांति मिलती है। उन्होने आगे कहा कि राजयोग ध्यान परमात्मा से जुड़ने का एक माध्यम है जो किसी शो-रूम या यूनिवर्सिटी में नहीं मिलता, बल्कि परमात्मा खुद आकर यह ज्ञान देते हैं।
इससे जजमेंट पावर आती है और जीवन खुश-नसीब बन जाता है। राजयोग का अभ्यास न केवल व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालता है बल्कि समाज व समुदाय में भी शांति, सद्भाव और संतुलन को प्रोत्साहित करता है।
ब्रह्माकुमारी अदिति ने कहा कि स्पिरिचुआलिटी का अर्थ आत्मिक जागरूकता, पॉजिटिविटी और परमात्मा से जुड़ना है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान से हम निर्णय लेने की शक्ति, सहनशीलता और नम्रता विकसित करते हैं।
उन्होने कहा कि स्पिरिचुआलिटी का अर्थ है सेल्फ-अवेयरनेस, पॉजिटिविटी, इनर पीस, अपने मन पर नियंत्रण रखना, इंटेग्रिटी, ट्रांसफॉर्मेशन, खुद को और दूसरों को समझना, दूसरों की सराहना करना, प्रेम, आंतरिक शक्ति और ध्यान का अभ्यास। इस तरह से उन्होंने स्पिरिचुआलिटी को बहुत ही सरल तरीके से परिभाषित किया।
मोहाली-रोपड़ सर्कल की को-इंचार्ज ब्रह्माकुमारी रमा बहन जी ने कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन की व्याख्या की तथा उसका अभ्यास भी कराया जिसमें सभी ने गहरी शांति का अनुभव किया। उन्होने कहा कि परमपिता हमारे असली पिता हैं जो परमधाम के वासी हैं। जबकि यहां के पिता तो हर जन्म में बदलते रहते हैं तथा हमारे यहां के घर भी हर जन्म में बदलते रहते हैं। इसलिए उस अविनाशी पिता से सबंध रखना अति आवश्यक है जो इस राजयोग से सीखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ध्यान से अंतरमुख होने से स्वयं को शांतमय, प्रकाशमय, तेजस्वी, उर्जावान, दिव्य व श्रेष्ठ बना सकते हैं। इंजीनियर पवन जिंदल, जो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सी पी डब्लयू डी थें, ने बताया कि राजयोग से तन, मन और धन स्वस्थ होते हैं और निर्णय, क्षमता व नम्रता शक्ति आती है। कुमारी नव्या ने नृत्य व बी के प्रवीन भाई ने दिव्य गीत प्रस्तुत किया।
श्री पवन कुमार गुप्ता मुख्य अभियंता सी पी डब्लयू डी ने सभी को अपनी मंगल कामनाएं दी अंत में यह बताया गया। निशुल्क साप्ताहिक राजयोग मेडिटेशन कोर्स कल से सुबह 7-8, दोपहर 11-12, और शाम 6-7 बजे तक चलेगा, जिसमें कोई भी भाग ले सकता है।
वर्ल्ड मेडिटेशन डे पर ब्रह्माकुमारीज का मोहाली में विशेष राजयोग कार्यक्रम
