पटियाला, 4 अक्टूबर (मनप्रीत सिंह):- भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) ने किसान मांगों के प्रति सरकार द्वारा धारण की गई साजिशी चुप्पी का गंभीर नोटिस लेते हुए 5 अक्टूबर 2026 को जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के कार्यालयों के घेराव का ऐलान किया है। इस संबंध में आज ढैंठल साहिब गुरुद्वारा में जगदीप सिंह छन्ना की अगुवाई में बैठक हुई, जिसमें जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया। महासचिव सुखमिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र की मोदी सरकार और भगवंत मान सरकार द्वारा मांगें मानने की बजाय समय टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां मोदी सरकार एम.एस.पी. की गारंटी का कानून न बनाकर, बिजली बिल, बीज बिल और मनरेगा की जगह जी राम जी योजना लाकर मेहनतकश लोगों के अधिकारों पर हमला कर रही है, वहीं काले कानून और श्रम संहिताएं लागू करके अपने हक के लिए लड़ रहे लोगों की आवाज दबाई जा रही है। वहीं पंजाब सरकार फसलों और बाढ़ का मुआवजा देने, आबादकारों को मालिकाना हक देने, कर्ज माफी और कृषि नीति बनाने के संबंध में खामोशी धारण किए बैठी है। उन्होंने कहा कि पुलिस राज कायम करके लोगों को जोर-जबरदस्ती से दबाने की कोशिश भी की जा रही है।

पहले भी 16 दिनों का पक्का मोर्चा लगाकर यूनियन ने संघर्ष शुरू किया था। अब 5 अक्टूबर को बड़ी लामबंदी करके डी.सी. कार्यालय पटियाला का घेराव किया जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि सरकार बातचीत करके किसानों की मांगों का निपटारा करे। संगठन ने यह भी मांग की है कि धान की सुचारू खरीद की गारंटी की जाए और पराली के उचित निपटारे के लिए कदम उठाए जाएं।

आज की बैठक में जिला कोषाध्यक्ष जगमेल सिंह गाजेवास, संगठन सचिव बलराज जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष अमरीक सिंह घग्गा, प्रेम ललोछी, भरभूर सिंह गाजेवास, हरदीप सिंह ड्रोली, जसविंदर सिंह सालूवाल, अवतार सिंह फग्गणमाजरा, दविंदर सिंह सील, अवतार सिंह बुरड़, वरिंदर सिंह भोला के अलावा अन्य नेता मौजूद थे।