चंडीगढ़:- पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स के संचालक परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, इस वारदात को कथित तौर पर एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने अंजाम दिया। मंगलवार सुबह मेडिकल स्टोर के मालिक ने कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गोलियां इतनी नजदीक से मारी गईं कि वे झोटा के शरीर के आर-पार हो गईं। जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान परविंदर सिंह झोटा के फेसबुक पेज पर 5 मिनट 48 सेकंड का लाइव वीडियो बनाया गया था, जिसमें गोलियां चलने की आवाज सुनाई देती है। बताया जा रहा है कि वीडियो में झोटा और उनके साथी नशे से जुड़े मुद्दे पर दवा की दुकान के मालिक के साथ बहस करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान गोलीबारी हुई।

परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। वह न केवल नशे की बिक्री रोकने का प्रयास करते थे, बल्कि कथित तौर पर नशा बेचने वालों को पकड़ते भी थे। इस मुद्दे को लेकर उनके कई बार विवाद हो चुके थे और उनके कहने पर कई पंचायतों ने नशे के खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किए थे।

परविंदर सिंह झोटा सोशल मीडिया पर ‘झोटा’ के नाम से जाने जाते थे। उन्होंने मानसा और आसपास के क्षेत्रों में कुछ मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने का आरोप लगाते हुए अभियान चलाया था। उनका कहना था कि इन दवाओं की बिक्री से युवाओं को नुकसान हो रहा है। बताया जाता है कि मानसा में दवाइयां बेचने वाले एक दुकानदार को जूतों की माला पहनाकर शहर में घुमाया गया था और उसकी दुकान बंद करवा दी गई थी। बताया जा रहा है कि गोलियां उसी दुकानदार ने चलाईं।

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने मानसा के 12 हट्टां चौक पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मानसा शहर के बाजार पूरी तरह बंद कर दिए गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा के अलावा चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों में बलजीत सिंह (65), कुलविंदर सिंह (42), हैप्पी सिंह (24) और गोबिंद सिंह (30) शामिल हैं। इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बठिंडा रेफर कर दिया गया।


परविंदर हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी, प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की

नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। बठिंडा रेंज के आईजी हरजीत सिंह ने बताया कि यह हत्या पुरानी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी।

डीआईजी ने बताया, “पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने हत्या के बाद मुख्य आरोपी अश्वनी को फरार होने में मदद की थी।” डीआईजी के अनुसार, पुलिस को मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। उन्होंने आगे बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि हत्या में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया गया।

डीआईजी के मुताबिक, गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद उनकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। जांच के तहत आरोपियों के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया। उन्होंने आगे बताया कि मृतक और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश थी। वर्ष 2023 में हुई एक घटना के दौरान भी उनके बीच व्यक्तिगत दुश्मनी सामने आई थी। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया है।

दोपहर करीब 3:30 बजे मानसा में हंगामे के दौरान कुछ निहंग सिंहों सहित प्रदर्शनकारियों ने उस मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की, जिसका संबंध कथित तौर पर नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या से जोड़ा जा रहा है। यह घटना बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर तैनात एक दमकल वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। बाद में पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया।