अंबाला, 27 अक्टूबर (आर. सिंह):- ओस्लो, नॉर्वे से जसकरन सिंह द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और नॉर्वे की संसद के अध्यक्ष श्री मसूद घराहखानी के बीच ओस्लो स्थित उनके कार्यालय में विशेष मुलाकात हुई। श्री घराहखानी ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और उनके साथ आए सिख प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर जत्थेदार गड़गज्ज ने श्री घराहखानी को सचखंड श्री दरबार साहिब आने का विशेष निमंत्रण दिया।
इस मुलाकात के दौरान नॉर्वे से सरदार गुरदयाल सिंह, गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव जी, ओस्लो की प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह, सरदार बलजीत सिंह, सरदार गुरिंदर सिंह, सरदार भूपिंदर सिंह, सरदार इकबाल सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में मीडिया सलाहकार सरदार जसकरन सिंह भी उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान श्री मसूद घराहखानी और जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के बीच नॉर्वे में सिखों द्वारा किए जा रहे कार्यों तथा देश की प्रगति और विकास में उनके योगदान पर चर्चा हुई। जत्थेदार गड़गज्ज ने श्री घराहखानी को नॉर्वे में सिखों को पेश आ रही कुछ समस्याओं से भी अवगत कराया। इस पर उन्होंने सिख प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के सकारात्मक समाधान का भरोसा दिया।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने नॉर्वे सरकार द्वारा बैसाखी के अवसर पर हर वर्ष सिख पगड़ी दिवस मनाने के फैसले की सराहना की और इसके लिए सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से नॉर्वे के स्थानीय समुदायों में सिख पहचान के बारे में जागरूकता फैलाने में काफी मदद मिली है और वहां के लोग सिख पगड़ी को सम्मान दे रहे हैं।
श्री मसूद घराहखानी ने कोविड-19 महामारी के दौरान नॉर्वे में सिखों और सिख संस्थाओं द्वारा निभाई गई सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भी जब नॉर्वे में किसी समुदाय को कोई कठिनाई आती है, तो सिख हमेशा आगे बढ़कर निस्वार्थ सेवा करते हैं।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि नॉर्वे में सिखों ने देश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में मूल्यवान योगदान दिया है। अपनी मेहनत, उद्यमशीलता, पेशेवर सेवाओं, सामुदायिक भागीदारी और सिख सिद्धांतों के अनुरूप सेवा कार्यों के माध्यम से सिखों ने नॉर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वहां के बहुसांस्कृतिक समाज को और समृद्ध बनाया है। उन्होंने कहा कि सेवा, समानता, आपसी सहयोग और सभी धर्मों के प्रति सम्मान के लिए सिखों की प्रतिबद्धता ऐसे मूल्यों का प्रतीक है, जो सामाजिक एकता और समुदायों के बीच आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्री मसूद घराहखानी के सचखंड श्री दरबार साहिब आने से उन्हें सिख सिद्धांतों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह यात्रा सिखों और नॉर्वे के लोगों के बीच मित्रता, आपसी सम्मान और समझ के संबंधों को और मजबूत करने का सार्थक अवसर होगी।
