खरड़, 22 नवंबर: पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने गिल्को इंटरनेशनल स्कूल, खरड़ में नई तकनीक से निर्मित ऑडिटोरियम का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षक ही सच्चे मूर्तिकार हैं जो बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके जीवन में एक आदर्श की भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब के युवाओं के लिए नशा एक बड़ी चुनौती है और शिक्षा संस्थान इसे रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब हमेशा देश का गौरव रहा है — पेरिस में खेले गए खेलों में 8 खिलाड़ी पंजाब से थे और पहली बार महिला क्रिकेट टीम में 4 खिलाड़ी पंजाब की थीं। भारतीय सेना के कई अधिकारी और शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव भी पंजाब से थे।
उन्होंने कहा कि खेल समाज में भेदभाव खत्म करने का सबसे बढ़िया माध्यम है और इसमें बच्चों को आगे बढ़ाना शिक्षकों का कर्तव्य है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि गरीब परिवार का बच्चा भी मेहनत और शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पद प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को यदि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तभी देश मजबूत बनेगा — ऐसे ही छात्र भारत का गौरव हैं। आज के युवाओं में अपार प्रतिभा है और वे विदेशों में भी नाम कमा रहे हैं, जैसे न्यूयॉर्क में प्रसिद्ध डॉक्टर भारत से ही हैं।
अपने जीवन की यात्रा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे भी पहले शिक्षक थे और वहीं से राजनीति में आए। आज भी उनका लक्ष्य शिक्षण संस्थानों को और मजबूत बनाना है। उन्होंने रंजीत सिंह गिल, चेयरमैन, गिल्को इंटरनेशनल स्कूल, की सराहना की कि उन्होंने अपनी माता की सोच पूरी की और स्कूल को शिक्षा, खेल और प्रतियोगिताओं में अग्रणी स्थान दिलाया।
गिल ने कहा कि आधुनिक तकनीक से बना ऑडिटोरियम, मल्टीपरपज़ हॉल और इनडोर खेल सुविधाएँ तैयार हैं और हमारा उद्देश्य है कि हम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें।
कार्यक्रम में छात्रों ने भंगड़ा, गिद्धा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. कृतिका कौशिक, जय कौर गिल, परमजीत कौर, तेजप्रीत सिंह गिल, अमनप्रीत सिंह गिल, तेजिंदर सिंह सरां, वाइस प्रिंसिपल शिव शंकर पॉल, रंधीर सिंह धीर, भूपिंदर सिंह काला, स्कूल स्टाफ, अभिभावक, छात्र और शहरवासी उपस्थित थे।