हरोली/ऊना, 31 मई (राजवीर चोपड़ा):- वार्ड नंबर-6 निवासी 75 वर्षीय फकीर चंद इन दिनों बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में वह अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी और तीन दोहितियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच उनका परिवार संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा है।
फकीर चंद ने बताया कि उनकी पत्नी स्वर्णी पिछले लगभग 13 वर्षों से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अधिकांश समय बेसुध अवस्था में बिस्तर पर ही रहती हैं। उनकी देखभाल के साथ-साथ घर की अन्य जिम्मेदारियां भी उन्हीं पर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का करीब 13 वर्ष पहले निधन हो गया था, जिसके बाद तीनों दोहितियों के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई।
उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी दोहती नौवीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुकी है, जबकि एक दोहती ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली है और दूसरी वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत है। परिवार में कोई बेटा नहीं है और घर का खर्च खेतीबाड़ी से होने वाली सीमित आय पर निर्भर है, जो परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार **बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी** में आता है तथा उनके पास बीपीएल कार्ड भी है।
फकीर चंद ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्हें मकान निर्माण के लिए कुछ सरकारी सहायता मिली थी, लेकिन वर्तमान में उनके घर के एक कमरे की छत का लैंटर जर्जर हो चुका है और किसी भी समय गिर सकता है, जिससे परिवार की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके तीन ऑपरेशन हो चुके हैं तथा चलने-फिरने में भी काफी परेशानी होती है। इसके बावजूद वह परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का प्रयास कर रहे हैं।
फकीर चंद ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और आर्थिक सहायता मिलने से न केवल परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो सकेगा, बल्कि उनकी दोहितियों की शिक्षा और भविष्य भी सुरक्षित हो सकेगा। उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।
