करनाल, 27 अगस्त- युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार तथा मेरा युवा भारत के तत्वावधान में युवाओं को खेलों से जोड़ने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा नशे से दूर रहने के उद्देश्य से खेलो इंडिया संवाद — खेल की बात, पीएम के साथ कार्यक्रम का आयोजन दयाल सिंह कॉलेज एवं राजकीय महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 युवाओं एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा संवाद एवं संबोधन को देखा और सुना। यह जानकारी जिला युवा अधिकारी अंजली चौधरी ने दी।
जिला युवा अधिकारी अंजली चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के माध्यम से देश के युवाओं को खेलों के प्रति अधिकाधिक आकर्षित होने, खेल भावना को जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने खेल एवं युवा विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए।
इनमें देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाना, 2036 के खेल ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं का पोषण एवं विकास, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का सशक्तिकरण, नशा मुक्त युवा — विकसित भारत शामिल हैं। युवाओं ने खेल सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण एवं जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण एवं कोचिंग सुविधाओं, खेलों में युवाओं की अधिक भागीदारी तथा नशे के विरुद्ध युवा नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
**खिलाडिय़ों के साथ युवाओं का संवाद
कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के लिए युवा प्रतिभागियों का संवाद दो उभरती हुई खेल प्रतिभाओं आशी कश्यप — लॉन टेनिस एवं एंजल राणा — साइक्लिंग के साथ भी कराया गया। दोनों खिलाडिय़ों ने अपने खेल अनुभव, संघर्ष, अनुशासन, फिटनेस और सफलता की यात्रा युवाओं के साथ साझा की तथा युवाओं को खेलों को करियर एवं जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
**अतिथियों ने युवाओं को किया प्रेरित
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि करनाल के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के साथ-साथ नशे के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाने में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि देश का युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खेलों के मजबूत इकोसिस्टम, प्रतिभाओं के उचित पोषण, युवा नेतृत्व और शासन में युवाओं की भागीदारी से भारत 2036 के ओलंपिक सहित वैश्विक खेल मंच पर नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को खेल, कौशल और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।
दयाल सिंह कॉलेज की प्रधानाचार्या असीमा गक्खड़ ने कहा कि महाविद्यालय युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न हिस्सा हैं और युवाओं में नेतृत्व, टीम भावना तथा सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों को अपनाएं, अपनी प्रतिभा को पहचानें और विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदार बनें।
जिला युवा अधिकारी अंजली चौधरी ने कहा कि खेलो इंडिया संवाद — खेल की बात, पीएम के साथ युवाओं को देश के खेल भविष्य एवं राष्ट्र निर्माण से सीधे जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के पांचों विषय युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं और युवाओं द्वारा प्रस्तुत विचार भारत के खेल एवं युवा नीति के लिए महत्वपूर्ण दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से खेल से जुड़ें, नशे से दूर रहें और विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनें का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी युवाओं ने खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने, नशे से दूर रहने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय युवा भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
