हांसी:- जिला के 11 गांवों में फिलहाल एक भी टीबी का मरीज नहीं है। जल्द ही इन गांवों को टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) मुक्त ग्राम घोषित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने बुधवार को उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दिशा में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं तथा प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है। राज्य स्तर से स्वीकृति मिलते ही इन गांवों को औपचारिक रूप से टीबीमुक्त ग्राम घोषित कर दिया जाएगा।
एसएमओ डॉ राहुल बुद्धिराजा ने बताया कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक जिला भर में एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव जाकर टीबी रोगियों की पहचान करना, समय पर उपचार सुनिश्चित करना, दवाओं की नियमित उपलब्धता कराना तथा लोगों को टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना रहा। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, स्वास्थ्य निरीक्षकों और चिकित्सकों की टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे किया, संदिग्ध मरीजों की जांच करवाई और उपचार को प्राथमिकता दी।
इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिला के ढाणी पिरान, ढाणी ठाकरिया, ढाणी गुजरान, रोशन खेड़ा, ढाणा खुर्द, ढाणी कुमारन, बांडा हेडी, देपल, डढेरी तथा ढाणी कुतुबपुर ग्राम पंचायतें अब पूरी तरह से टीबी मुक्त हो चुकी हैं। इन गांवों में किसी भी सक्रिय टीबी रोगी का मामला नहीं है।
उपायुक्त ने कहा कि टीबी मुक्त ग्राम की परिकल्पना केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, साफ-सफाई, पोषण और नियमित जांच की आदत को प्रोत्साहित करना भी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों, ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर और सुलभ अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के हांसी कार्यालय द्वारा निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को भी पैनल में शामिल किया गया है। कोई भी गर्भवती महिला सप्ताह के किसी भी दिन पैनल में शामिल केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच करवा सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए गर्भवती महिला को केवल अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर की परामर्श स्लिप लानी होगी। जिला में मदान अल्ट्रासाउंड केंद्र, देव अल्ट्रासाउंड केंद्र तथा गर्ग हॉस्पिटल अल्ट्रासाउंड केंद्र को पैनल में शामिल किया गया है, जहां निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इनके अलावा नागरिक अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में और अधिक गांवों को टीबी मुक्त बनाने के लिए अभियान को और प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा, ताकि हांसी जिला को पूरी तरह से टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
हांसी जिला के 11 गांव जल्द घोषित होंगे टीबी मुक्त ग्राम उपायुक्त राहुल नरवाल
