करनाल, 7 अक्तूबर: भगवान वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में गांव सांभली में भगवान वाल्मीकि सेवा समिति द्वारा भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएवी कॉलेज करनाल के राजनीतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. बलराम शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके पहुंचने पर समिति सदस्यों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। 
मुख्य अतिथि डॉ. बलराम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को भगवान वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने समाज को शिक्षा, परिश्रम, सत्य और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस युग में थे। 
डॉ. शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान वाल्मीकि के आदर्शों और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए अपने जीवन में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना अपनाएं। जब भी देश को युवाओं की आवश्यकता हो, उन्हें आगे बढ़कर सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
 उन्होंने दंगल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक खेल ग्रामीण युवाओं में जोश, एकता और अनुशासन की भावना जगाते हैं। कुश्ती हमारे प्राचीन खेलों में से एक है, जो न केवल शरीर को तंदुरुस्त रखती है बल्कि मनोबल भी बढ़ाती है। 
कार्यक्रम में भगवान वाल्मीकि सेवा समिति के पदाधिकारियों ने डॉ. बलराम शर्मा को सम्मानित किया। इस अवसर पर अभिषेक कुमार, प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, बिट्टू सहित गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।