नवांशहर- स्थानीय बीडीसी रक्त केंद्र ने आईएसबीटीआई (इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनोहेमेटोलॉजी पंजाब चैप्टर) के सहयोग से विश्व श्रमिक दिवस पर एक समर्पित रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें 22 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर का उद्घाटन दिव्यांग सामाजिक संस्था होशियारपुर के अध्यक्ष संदीप कुमार ने स्वयं रक्तदान करके किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने का अवसर मिलना सम्मान की बात है। 
यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि स्वस्थ व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से 65 वर्ष तक है, शरीर का वजन कम से कम 45 किलोग्राम है, शरीर में रक्त का स्तर 12.5 ग्राम है, कोई पुरानी बीमारी नहीं है, तो डॉक्टर हर तीन महीने बाद ही रक्तदान स्वीकार करते हैं, क्योंकि रक्तदान करने और जरूरतमंदों से रक्त प्राप्त करने आदि की सेवा जाति-बिरादरी और अमीरी-गरीबी के भेद से अलग है। 1 मई को रक्तदान के विषय पर जेएस गिद्दा, प्रवेश कुमार व डॉ. अजय बग्गा ने अपने-अपने संदेशों में कहा कि दुनिया के हर निर्माण व सुविधा में मजदूर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और न ही मजदूर के बिना किसी विकास की कल्पना की जा सकती है। 
डॉ. बग्गा ने सुजौं गांव के मूल निवासी स्वर्गीय कामरेड चैन सिंह गिद्दा के मजदूर जीवन का जिक्र किया, जिनके सुपुत्र जेएस गिद्दा हमेशा रक्तदान सेवा को समर्पित रहते हैं। श्री प्रवेश कुमार ने मजदूर वर्ग से अपील की कि मजदूर खुद को स्वस्थ रखकर ही तेज व गुणवत्तापूर्ण विकास का भागीदार बन सकता है, इसलिए उसे नशों से दूर रहने की जरूरत है। 
इस अवसर पर रक्तदान करने के लिए मजदूर सरबजीत सिंह, रमन कुमार, ईश्वर, सौदागर, विजय कुमार, सुंदर लाल, नरिंदर कुमार गिल मौजूद थे। बीडीसी की ओर से जेएस गिद्दा, प्रवेश कुमार, डॉ. अजय बग्गा, मलकीयत सिंह सरोया, राजीव भारद्वाज, मुकेश काहमा, नेहा कौशल, सुमित गिल, बीना कुमारी व बीएलएम कॉलेज से प्रोफेसर ओंकार सिंह मौजूद थे।