करनाल 6 जनवरी:- स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर नगर निगम करनाल की स्वच्छ भारत मिशन शहरी टीम शहरवासियों को जागरूक करने को लेकर लगातार सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियां चला रही है।
इसके तहत टीम रोजाना विभिन्न क्षेत्रों तथा विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को 5 प्रकार के डस्टबिन तथा उनमें डाले जाने वाला कचरा, गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करना, साफ-सफाई, सिंगल यूज प्लास्टिक के नुकसान, पर्यावरण प्रदूषण तथा जल बचाओ को लेकर जागरूक कर रहे हैं। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि नगर निगम का शुभकंर शेरू भी विद्यालयों में जाकर बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करता है, ताकि बच्चे घर जाकर अपने परिवार व आस-पड़ोस को जागरूक कर सकें। इस दौरान बच्चों से सवाल-जवाब भी किए जाते हैं। सही उत्तर देने वाले बच्चों को चॉकलेट इत्यादि देकर प्रोत्साहित भी किया जाता है।
जीरो वेस्ट की ओर बढ़ रहे विद्यालय- उन्होंने बताया कि विद्यालय में आई.ई.सी. गतिविधियां चलाकर उन्हें जीरो वेस्ट की ओर बढ़ाया जा रहा है। अब तक शहर के करीब 60 स्कूलों ने स्वयं को जीरो वेस्ट विद्यालय घोषित कर दिया है। इन स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं होता तथा गीले कचरे की विद्यालय परिसर में ही खाद बनाई जाती है। अन्य स्कूलों की भी आई.ई.सी.कर जल्द ही जीरो वेस्ट विद्यालय घोषित करवाया जाएगा।
सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध- उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसे लेकर सेनीटेशन टीमें प्रत्येक जोन में लगातार छापेमारी भी कर रही है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते कहा कि अगर किसी थोक विक्रेता, दुकानदार व रेहड़ी-फड़ी वाले के पास सिंगल यूज प्लास्टिक पाया जाता है, तो नियमानुसार 500 रुपये से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मोटीवेटर टीमें डोर टू डोर कर रही सर्वे- आमजन की जागरूकता के लिए नगर निगम की मोटीवेटर टीमें डोर टू डोर जाकर नागरिकों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके साथ-साथ कूड़ा एकत्रीकरण भी चेक किया जा रहा है। रोजाना साफ-सफाई तथा कूड़ा उठान को लेकर नागरिकों से फीडबैक भी ली जा रही है।
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