लुधियाना, 7 नवंबर 2026:- गुरु अंगद देव वेटनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के वेटनरी साइंस कॉलेज के पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के शिक्षकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने एसोसिएशन ऑफ मीट साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स के 8वें सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। ये सम्मान महाराष्ट्र के परभणी में “सतत एवं नवाचारपूर्ण खाद्य और मांस प्रणालियां: विकसित भारत के लिए सुरक्षा एवं पोषण के प्रति वन हेल्थ दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्राप्त हुए।
डॉ. राजेश वी. वाघ को मांस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए उनके योगदान के सम्मान में चेन्नई स्थित एसोसिएशन ऑफ मीट साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया।
डॉ. वाघ के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर विद्यार्थी डॉ. ऋषिकेश पाटिल को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए “सर्वश्रेष्ठ एम.वी.एससी. थीसिस पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, रवनीत कौर, ऋषिकेश पाटिल और दीपिका जमादार ने “सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति एवं पोस्टर प्रस्तुति” के पुरस्कार प्राप्त किए, जो उनके शोध की उच्च गुणवत्ता को दर्शाते हैं।
डॉ. राजेश ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) द्वारा वित्तपोषित स्मार्टबायोपैक (SmartBioPack) परियोजना के तहत किए गए अपने शोध के लिए “सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार” भी जीता। इस परियोजना में वह डॉ. हुसनदीप सिंह और डॉ. अपूर्वा शेखर के साथ सह-लेखक थे। यह परियोजना पशुधन उत्पादों के लिए नवीन, टिकाऊ और स्मार्ट पैकेजिंग समाधान विकसित करने पर केंद्रित है, जो गुणवत्ता में सुधार और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख डॉ. नितिन मेहता ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा गुणवत्तापूर्ण शोध में विभाग के योगदान पर प्रकाश डाला।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों को बधाई देते हुए कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान प्रतिष्ठा बढ़ाने में उनके योगदान की प्रशंसा की।
वेटनरी साइंस कॉलेज के डीन डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा ने शोध योगदान की सराहना की और खाद्य पैकेजिंग तथा पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ी उभरती चुनौतियों के समाधान में नवाचारपूर्ण एवं व्यावहारिक शोध के महत्व को रेखांकित किया।
