अंबाला, 29 जून:- उत्तरी रेलवे मैंस यूनियन के अंबाला डिवीजन के जनरल सेक्रेटरी के रूप में 4 वर्ष तक सेवा देने और 36 वर्ष की सेवा के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त होने वाले डॉ. निर्मल सिंह (पीएचडी) के सम्मान में आज अंबाला कैंट के बीपीएस प्लैनेटेरियम हॉल में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें अंबाला रेलवे डिवीजन के विभिन्न केंद्रों से दो हजार से अधिक यूनियन सदस्य शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. निर्मल सिंह ने कार्यकर्ताओं का सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधान चरंजीत सिंह बाजवा से यूनियन की बागडोर संभाली थी और पिछले चार वर्षों में उन्हें कई संघर्ष करने पड़े तथा कार्यकर्ताओं के हितों में लड़ाइयां लड़नी पड़ीं। कार्यकर्ताओं की एकता की बदौलत यूनियन हर संघर्ष से विजयी होकर निकलती रही। उन्होंने कहा कि वह इतनी उच्च शिक्षा प्राप्त करके कॉलेज प्रोफेसर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत उन्हें यहां ले आई और उन्होंने पूरी तन्मयता से सेवा की। इस मौके पर उन्होंने अपने कॉलेज के शिक्षक डॉ. रटन सिंह ढिल्लों और सहपाठी प्रो. गुरदेव सिंह देव को भी याद किया।
इस समागम के मुख्य वक्ता ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन और रेलवे मैंस यूनियन के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा थे। उन्होंने अपने संबोधन में डॉ. निर्मल सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि कॉमरेड चरंजीत सिंह बाजवा के बाद उन्होंने यूनियन को नीचे नहीं आने दिया, बल्कि उनके नेतृत्व में यूनियन हर संघर्ष से विजयी होकर बाहर निकली।
अपने भाषण में उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं, भविष्य की नीतियों और आठवें वेतन आयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना यूनियन की मुख्य जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की सेवा शर्तों, पेंशन लाभों और काम करने की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस युग में कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में उचित वृद्धि जरूरी है। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों को और मजबूत करने की मांग भी की। उन्होंने यूनियन की ओर से आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी आवाज हर स्तर पर जोरदार तरीके से उठाई जाएगी।
इस मौके पर मंडल प्रधान हरनाम सिंह, मंडल मंत्री निर्मल सिंह, मंडल उपाध्यक्ष परमजीत सिंह और सुधीर त्यागी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह रेलवे यूनियन ही थी जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूनियन से बातचीत करने के लिए मजबूर किया, जबकि वह कभी ऐसा नहीं करते। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुटता बनाए रखने को कहा, क्योंकि एकता की ऊर्जा और शक्ति ही उन्हें विजयी बनाती है।
भाषण के अंत में राष्ट्रीय नेता मिश्रा ने डॉ. निर्मल सिंह की जगह अगले जनरल सेक्रेटरी के रूप में बठिंडा शाखा के कॉमरेड ठाकुर सिंह के नाम का ऐलान किया। उनके नाम का ऐलान होते ही हॉल में काफी देर तक 'कॉमरेड ठाकुर सिंह जिंदाबाद' के नारे गूंजते रहे। मिश्रा ने नाम का ऐलान करते हुए एक शर्त भी रखी कि 1 जुलाई से कॉमरेड ठाकुर सिंह को बठिंडा की बजाय अंबाला कैंट स्थित यूनियन के मंडल कार्यालय में बैठना होगा, जिसे ठाकुर सिंह ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
इस अवसर पर डॉ. निर्मल सिंह का पूरा परिवार मौजूद था और उनके मित्र डॉ. कुलदीप सिंह थिंद भी उपस्थित रहे।