फतेहाबाद, 3 फ़रवरी:- यूजीसी कानून पर रोक लगाना संविधान में दिए सामाजिक समानता के मौलिक अधिकारों के खिलाफ मनुवादी सोच है। न जाने कैसे सुप्रीम कोर्ट ने जातिवादी वर्गों के विरोध के दबाव में मनुवादी सोच के वशीभूत अपने ही दिए गए आदेश पर थूक के चाटने का काम किया है।
यह बात अनुसूचित जाति अंबेडकर महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष शम्मी रत्ती ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कही। प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के विरोध व यूजीसी कानून के समर्थन में अनुसूचित जाति अंबेडकर महासभा और पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा के संयुक्त त्तवाधान में महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त विवेक भारती को ज्ञापन देने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में हम युजीसी का समर्थन करते हैं, मनुवादी सोच नहीं संविधान को लागू करने जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां भी अपने हाथों में लिए हुए थे।
ज्ञापन देने से पूर्व प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शम्मी रती ने कहा कि विरोध करने वाले वही लोग हैं जो देश के संविधान का भी विरोध करते हैं और उन्होंने कभी भी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सामाजिक समानता परक व जातिवहीन समाज की सोच को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे लोग केवल आपसी भाईचारे को खत्म करके अराजकता फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने महामहिम द्रोपदी मुर्मू से मांग की है कि जल्द ही इस विषय में सरकार से संसद में कानून बनवाकर पास करवाएं ताकि दलितों व पिछड़ों को सामाजिक समरूपता से विकास करने का मौका मिल सके।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा के उपाध्यक्ष राजबीर सोनी, दलित एक्टिविस्ट सुरेंद्र इंदाछोई, एडवोकेट जिले सिंह आदि ने भी यूजीसी कानून का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग यूजीसी कानून का विरोध कर रहे हैं वे लोग दलित बच्चों को उच्च शिक्षा दिए जाने के सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कभी भी यह नहीं चाहती कि दलित व पिछड़ों के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रहें, परंतु यूजीसी एक्ट का विरोध करने वालों ने सरकार के कुछ मनुवादी सोच से ग्रस्त नेताओं के दबाव में ये न जाने कैसे रोक लगा दी। 
उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत यूजीसी कानून पर रोक को हटवाना चाहिए। इस अवसर पर जनक अटवाल, महेंद्र सोनी, डॉ. रामफल, हर भजन कंबोज, विजय सरपंच, सुरेश यादव, जोगिंदर पाल, अशोक कटारिया, डॉ पृथ्वी पाल मताना सहित लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के ओबीसी ब्रिगेड एवं अनेक सामाजिक संस्थाओं के गणमान्य लोग मौजूद रहे।