हरोली/ऊना, 29 जुलाई (राजवीर चोपड़ा):- दुलैहड़ स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में गुरु पूजा एवं व्यास पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय सत्संग समारोह श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में माहिलपुर स्थित अलख अमर विवेचन प्रत्यक्षालय से पधारे स्वामी श्री विशेषानंद जी महाराज ने अपने आध्यात्मिक प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया।
अपने प्रवचन में स्वामी विशेषानंद जी महाराज ने कहा कि बिना सुमिरण और हरि-चर्चा के मनुष्य का वास्तविक जागरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति संतों और गुरुजनों के बताए मार्ग एवं वचनों को अपने जीवन में धारण करता है, तभी आत्मिक उन्नति और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
समारोह के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल गुरु पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर जालंधर सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सत्संग का लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने स्वामी जी के आध्यात्मिक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और गुरु भक्ति का संदेश ग्रहण किया।
इससे पूर्व समारोह के पहले दिन प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रभात फेरी के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में सत्संग एवं हरि-नाम का संदेश पहुंचाया गया। भारी संख्या में संगत ने इसमें शामिल होकर भजन-कीर्तन और सत्संग का आनंद लिया।