पटियाला:- विद्यार्थियों, अध्यापकों और नागरिकों के लिए दुर्घटनाओं के दौरान कीमती जानें बचाने के लिए आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड और फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग व अभ्यास बहुत लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं, क्योंकि 80% लोगों की मौतें अचानक होने वाली घटनाओं, गैसों, बिजली, पेट्रोलियम और रासायनिक पदार्थों की आग व धुएँ के कारण और समय पर सही सहायता न मिलने के कारण हो रही हैं। ऐसे हालात में पीड़ितों को रेस्क्यू करके मरने से बचाने तथा हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के लिए सही ढंग से प्रयास नहीं किए जाते।
यह जानकारी आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड और फायर सेफ्टी ट्रेनर श्री काका राम वर्मा द्वारा सरकारी शिक्षा कॉलेज में एन.एस.एस. कैंप के दौरान आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम में दी गई। उन्होंने तरह-तरह के प्रैक्टिकल करवाकर इमरजेंसी के दौरान कीमती जानों और प्रॉपर्टी को बचाने के तौर-तरीके सिखाए। उन्होंने अनुरोध किया कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों, अध्यापकों और क्षेत्र के लोगों को ट्रेनिंग देकर, भविष्य में आने वाली प्राकृतिक, मौसमी, मानवीय आपदाओं व युद्धों के दौरान पीड़ितों की सहायता के लिए आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड और फायर सेफ्टी की 10 प्रकार की टीमें बनाकर ट्रेनिंग दी जाए और मॉक ड्रिल करवाई जाए।
कॉलेज की प्रिंसिपल श्रीमती इंदिरा पुरी और यातायात शिक्षा सैल के ए.एस.आई. जनक राज ने धन्यवाद करते हुए कहा कि 99% विद्यार्थियों, अध्यापकों, कर्मचारियों और नागरिकों को अपनी सुरक्षा और पीड़ितों की सहायता के लिए इस तरह की ट्रेनिंग, अभ्यास और टीमें बनाकर लगातार मॉक ड्रिल करनी चाहिए ताकि कीमती जानों और प्रॉपर्टी को बचाने की ट्रेनिंग व अभ्यास की जानकारी हर घर-परिवार तक पहुँच जाए।