हिसार, 20 जनवरी:- अवैतनिक समाजसेवी योगराज शर्मा को पद्म श्री जनवरी 2026 के लिए सम्मानित करवाने हेतु नलवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर पनिहार ने 18 नवम्बर 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर सिफारिश की है। योगराज शर्मा ने पद्म श्री के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया है। इससे पूर्व उपायुक्त हिसार द्वारा 19 अगस्त 2025 को पत्र संख्या 16483 के माध्यम से मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को उनकी सिफारिश भेजी जा चुकी है, ताकि राज्य सरकार की संस्तुति के साथ यह प्रस्ताव राष्ट्रपति सचिवालय तक भेजा जा सके।
योगराज शर्मा पिछले 20 वर्षों से बिना किसी मानदेय के समाजसेवा कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के अभिकर्ता के रूप में अपनी नियमित आजीविका छोड़कर समाज व खेल, विशेषकर हॉकी खिलाड़ियों की सुविधाओं और जनहित के विकास कार्यों के लिए संघर्ष किया। यदि वे यह कार्य जारी रखते, तो बीते 20 वर्षों में लगभग 10 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने यह संभावित कमाई समाजहित में दांव पर लगा दी।
उनके प्रमुख प्रयासों में हिसार में हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं स्टेडियम निर्माण, पटेल नगर सेक्टर 16/17 में आरयूबी, गवर्नमेंट कॉलेज से डाबड़ा रोड तक सड़क निर्माण शामिल हैं। 2018 में PWD द्वारा “नॉट फिजिबल” घोषित सड़क परियोजना को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर 38 महीनों के प्रयास के बाद 2021 में “फिजिबल” करवाया गया। इसी प्रकार हिसार–तोशाम सड़क, जो चार विधानसभा और दो लोकसभा क्षेत्रों को जोड़ती है, वर्षों से टूटी हुई थी; उनके प्रयासों से उसका निर्माण कार्य शुरू हुआ।
इसके अतिरिक्त, साउथ बाईपास पर लाइटें लगवाने, STC सेंटर को हिसार से शिफ्ट होने से बचाने, पेयजल, सीवरेज, बरसाती पानी निकासी और सड़कों से जुड़े अनेक छोटे-बड़े जनहित कार्यों में भी उनका योगदान रहा है।
योगराज शर्मा का कहना है कि देश में जनप्रतिनिधियों को वेतन व पेंशन मिलती है, लेकिन बिना NGO के, अपनी कमाई त्यागकर समाजसेवा करने वालों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा या जीवन-यापन सहायता योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गांधी शांति पुरस्कार से मिलने वाली एक करोड़ रुपये की राशि से भी वंचित रखा गया। ऐसे में उनका मानना है कि पद्म श्री सम्मान उनके त्याग, संघर्ष और दीर्घकालीन समाजसेवा की उचित पहचान होगी।