पटियाला:- रेड क्रॉस सोसाइटी के सेवानिवृत्त ट्रेनिंग सुपरवाइजर और भारत सरकार के आपदा प्रबंधन व फर्स्ट एड ट्रेनर श्री काका राम वर्मा द्वारा 125 से अधिक जेल कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड, सी.पी.आर. और सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान जवानों से प्रैक्टिकल और अभ्यास करवाकर उनका आत्मविश्वास और हौसला बढ़ाते हुए पंजाब जेल ट्रेनिंग स्कूल के डी.एस.पी.-कम-वाइस प्रिंसिपल श्री मुकेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
श्री मुकेश शर्मा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि भविष्य में आने वाली प्राकृतिक, मौसमी और मानवीय आपदाओं से निपटने के लिए छात्रों, शिक्षकों, पुलिस और कर्मचारियों को केवल लेक्चर देने के बजाय आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड और फायर सेफ्टी के अभ्यास और मॉक ड्रिल करवाई जानी चाहिए। केवल देखने या सुनने से कोई व्यक्ति पीड़ितों को बचाने या अग्निशमन उपकरणों का सही उपयोग करने के लिए तैयार नहीं हो सकता। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हर कर्मचारी और विद्यार्थी के दिल, दिमाग और हाथों में कीमती जानें बचाने की काबलियत और सहानुभूति पैदा की जाए।
श्री काका राम वर्मा ने धन्यवाद करते हुए कहा कि वे 1980 से ही ट्रेनिंग के दौरान लेक्चर या वीडियो दिखाने की जगह प्रैक्टिकल पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि घायलों, बेहोश लोगों, दिल के दौरे, फ्रैक्चर, आग, गैस या पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं के समय पीड़ित को बचाने के लिए ए.बी.सी.डी., रिकवरी पोजीशन, सी.पी.आर. और मौके पर उपलब्ध सामान से स्ट्रेचर तैयार करने का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। 
उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में केवल वही लोग सुरक्षित रह सकते हैं और दूसरों को बचा सकते हैं जिन्हें आपदा प्रबंधन और फर्स्ट एड का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज और मानवता की सुरक्षा के लिए साल में दो-तीन बार विषय विशेषज्ञों की देखरेख में ऐसी ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल का आयोजन जरूर किया जाना चाहिए।