करनाल, 14 मार्च- योग गुरु स्वामी रामदेव शनिवार को करनाल पहुंचे, जहां पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान और महिला पतंजलि योग समिति करनाल के सौजन्य से आयोजित राज्य स्तरीय महिला महासम्मेलन में उन्होंने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और साधकों को संबोधित करते हुए योग, आयुर्वेद और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग, आयुर्वेद और स्वदेशी जीवनशैली को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनसे न सिर्फ लोगों को बीमारियों से बचाया जा सकता है, बल्कि समाज में फैल रही कई सामाजिक बुराइयों को भी खत्म किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से भी स्वस्थ और संस्कारित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

**भारतीय शिक्षा और संस्कृति से मिलेगी गुलामी से मुक्ति**
स्वामी रामदेव ने कहा कि देश को शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक और सांस्कृतिक गुलामी से बाहर निकालना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है। बच्चों को सही इतिहास और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए  पतंजलि यगपीठ के सहयोग से भारतीय शिक्षा बोर्ड के साथ देशभर के हजारों विद्यालय जुड़ चुके हैं। आने वाले समय में इस संख्या को बढ़ाकर एक लाख स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

**विश्व में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता**
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी रामदेव ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल, ईरान के बीच बढ़ते तनाव से दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि दुनिया के बड़े देशों को एक साथ बैठकर इसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकारों की बात करने वाले बड़े संगठन इस मुद्दे पर खामोश नजर आ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में डर का माहौल दिखाई देता है।

**भारत-ईरान संबंधों पर जताया भरोसा**
स्वामी रामदेव ने भारत और ईरान के संबंधों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद मजबूत रहे हैं और आगे भी इनमें कोई दरार नहीं आएगी। उनके मुताबिक भारत के प्रति ईरान में हमेशा सकारात्मक भावना रही है और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और संबंध भविष्य में भी मजबूत बने रहेंगे।