फतेहाबाद:- केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की तैयारियों को लेकर फतेहाबाद के बिजली बोर्ड स्थित यूनियन कार्यालय में जन संगठनों की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, एटक, इंटक, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और आईसीटीयू सहित विभिन्न परियोजनाओं के वर्कर्स ने हिस्सा लिया। कर्मचारी व मजदूर नेताओं ने एक स्वर में कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियां मजदूर, किसान और कर्मचारी विरोधी हैं, जो आम जनमानस को गुलामी की ओर धकेल रही हैं।
 बैठक में मांग की गई कि 29 श्रम कानूनों को खत्म कर लागू किए गए चार लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए लागू हो और आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, वन मजदूर व ग्रामीण सफाई कर्मियों समेत सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पुरानी पेंशन योजना की बहाली हो और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। एमएसपी की कानूनी गारंटी हो, बिजली बिल और बीज विधेयक को रद्द किया जाए। वीबी-जी राम जी योजना को रद्द किया जाए। 
बैठक को संबोधित करते हुए राजेश चौबारा, मुंशीराम कंबोज, सुभाष चंद्र चौहान, बेगराज और अन्य नेताओं ने कहा कि 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए लेबर कोड मजदूरों को कॉरपोरेट का गुलाम बनाने की दिशा में एक कदम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनों से जीते गए 8 घंटे काम के अधिकार को हरियाणा सरकार ने बदलकर 10 घंटे कर दिया है। नेताओं ने कहा कि यूनियन बनाने और हड़ताल करने जैसे मौलिक अधिकारों को भी छीना जा रहा है। 
इस बैठक में भूप सिंह भडोलावाली, गगनदीप कौर, हरपाल सिंह, मदन सिंह, रामनिवास शर्मा, राजपाल मिताथल, सुनीता, सुमन सहित कई दिग्गज शामिल रहे। नेताओं ने आह्वान किया कि 12 फरवरी को हजारों की संख्या में मजदूर और किसान सडक़ों पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे।