पटियाला, 22 अक्तूबर (मनप्रीत सिंह):- पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर्स साझा फ्रंट और मुलाजिम मंच पंजाब की संयुक्त तालमेल कमेटी द्वारा अपनी मांगों के समर्थन तथा पंजाब सरकार के वादाखिलाफी के विरोध में 21 और 22 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के दूसरे दिन भी जिले भर से पहुंचे हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों ने स्थानीय उपायुक्त कार्यालय के बाहर वेरका बूथ के पास विशाल धरना दिया और मेन लाइट्स चौक तक रोष मार्च निकाला।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए तालमेल कमेटी के नेताओं धनवंत सिंह भट्ठल, सुखविंदर सिंह सैनी, खुशविंदर सिंह कपिला, जसविंदर सिंह सोजा, गुरमेल सिंह विरक, जसवीर सिंह खोखर, हरि सिंह तोहड़ा, गुरदीप सिंह वालिया और मास्टर परमजीत सिंह आदि ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद महंगाई भत्ते की किस्तें और बकाया जारी नहीं किए जा रहे हैं। पेंशनरों और संशोधित वेतनमान से वंचित श्रेणियों के कर्मचारियों पर 2.59 का गुणांक लागू नहीं किया गया है। पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की गई, विभिन्न श्रेणियों के अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया तथा एसीपी योजना भी बहाल नहीं की गई। इसके अलावा 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर पंजाब के वेतनमान लागू नहीं किए गए, परिवीक्षा अवधि के दौरान पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा, कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल नहीं किया गया और 16 मई 2023 की नीति रद्द कर विशेष कैडर के शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों पर सिविल सर्विसेज नियम और पंजाब के वेतनमान लागू नहीं किए गए। नेताओं ने कहा कि इन और अन्य मांगों की अनदेखी साबित करती है कि पंजाब सरकार कर्मचारियों, पेंशनरों और मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारियों की मांगों से पूरी तरह पीछे हट चुकी है।

तालमेल कमेटी के नेताओं संत राम चीमा, नाहर सिंह, गुरप्रीत पनेसर, रविंदर शर्मा, दर्शन सिंह, रघबीर सिंह, राजपाल सिंह लस्सोई और प्रेम कुमार पंजोला आदि ने कहा कि पंजाब सरकार केवल 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू करके ऐसा माहौल बना रही है, मानो कर्मचारियों, पेंशनरों और मानदेय कर्मचारियों की सभी समस्याएं हल कर दी गई हों। नेताओं ने स्पष्ट किया कि तालमेल कमेटी की सभी मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर राजबीर सिंह, मोहन सिंह समाना, कृष्ण देव, राम चंद धामोमाजरा, अमित कुमार, लखबीर सिंह, भूपिंदर कुमार कक्कड़ और सतपाल खानपुर आदि ने भी सभा को संबोधित किया। जमहूरी किसान सभा की ओर से दर्शन बेलूमाजरा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी इस संघर्ष को जोरदार समर्थन दिया।