चंडीगढ़: चंडीगढ़ में पूरे शहर में लगभग 75 स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण, और मेघनाथ के 100-100 फुट ऊँचे पुतलों का दहन किया गया। सूचना के अनुसार, इन पुतलों को बनाने में 50 लाख रुपये की लागत आई थी। सबसे ऊँचा रावण का पुतला सेक्टर 46 में जलाया गया। श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी, सेक्टर 46 की ओर से मनाए गए दशहरा उत्सव में पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया, मुख्य अतिथि थे।
101 फुट का रावण, 95 फुट का मेघनाथ, तथा 90 फुट का कुंभकर्ण तैयार करवाया गया था। इस दशहरे पर मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया, डीसी चंडीगढ़, निशांत यादव, व चीफ इंजीनियर, सी.बी. ओझा, विशेष अतिथि थे। होम सेक्रेटरी, मनदीप बराड़ को कोई काम आ पड़ने के कारण उनकी पत्नी ने उनके स्थान पर आकर रौनक बढ़ाई।
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया ने दशहरे के पवित्र अवसर पर बोलते हुए कहा, "दशहरा पर्व पर हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि जीवन से बुराइयों को दूर करेंगे और समाज में अच्छाई, भाईचारे व प्रेम का संदेश फैलाएंगे।"
श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी, सेक्टर 46 की ओर से सराहनीय कार्य के लिए हर वर्ष "चंडीगढ़ रत्न अवार्ड" दिया जाता है। इस वर्ष पीजीआई के डॉक्टर, संदीप बंसल, व एस.डी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर 32 की प्रिंसिपल, मोनिका शर्मा को "चंडीगढ़ रत्न अवार्ड" प्रशासक गुलाब चंद कटारिया द्वारा दिया गया।
इसके अलावा, विशेष आतिशबाजी के साथ पुतलों का दहन किया गया। रामलीला कमेटी द्वारा निकाली गई शोभायात्रा सेक्टर 46 और सेक्टर 45 की गलियों से होती हुई वापस सेक्टर 46 के दशहरा ग्राउंड में समाप्त हुई। विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने पूरे रास्ते भक्ति भजनों का गायन किया, वहीं "सोने की लंका" और विशेष आतिशबाजी ने नजारा और भी आकर्षक बना दिया।