करनाल,18 मार्च- जिले के इंद्री में आयोजित जनसभा में पहुंचे कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्यसभा चुनाव में अनैतिक तरीकों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की गई और क्रॉस वोटिंग, खरीद-फरोख्त तथा दबाव की राजनीति अपनाई गई। इस मौके पर जनसभा में लहरी सिंह, राकेश काम्बोज, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव रमेश सैनी, सुरजीत सैनी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष पराग गाबा सहित कई स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के पांच विधायक ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है। इन सभी के नाम पार्टी नेतृत्व को भेज दिए गए हैं और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि धीरे-धीरे इन विधायकों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को हराने के लिए सुनियोजित साजिश रची। उन्होंने कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवार को रोकने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में “साम, दाम, दंड, भेद” सभी तरीके अपनाए गए। उनके अनुसार लगभग हर विधायक को भाजपा की ओर से संपर्क किया गया, ऑफर दिए गए और जहां बात नहीं बनी वहां दबाव व धमकियों का सहारा लिया गया। जिन विधायकों पर पहले से केस दर्ज हैं, उन पर विशेष दबाव बनाया गया।
परमवीर की वोट को लेकर हुड्डा ने कहा कि उसे गलत तरीके से अमान्य घोषित किया गया, जबकि वह पूरी तरह वैध थी। उन्होंने मांग की कि उस वोट का वीडियो सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने इस मामले की तुलना चंडीगढ़ मेयर चुनाव से भी की।
इसके बावजूद हुड्डा ने कहा कि तमाम दबावों के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की, जो सच्चाई और लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा कि जो विधायक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे, उनका सम्मान होना चाहिए, जबकि गद्दारी करने वालों को जनता जवाब देगी।
रामचंद्र गुर्जर के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्रवाई से पहले ही पद छोड़ दिया। साथ ही नारायणगढ़ से विधायक शैली पर भी क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे नेताओं को स्वयं आगे आकर इस्तीफा देना चाहिए। इसी दौरान इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पर निशाना साधते हुए हुड्डा ने कहा कि पार्टी ने बार-बार अपनी रणनीति बदली और अंततः भाजपा के पक्ष में काम किया। उन्होंने इनेलो को भाजपा की “बी टीम” बताते हुए चुनाव में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
कुल मिलाकर, राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।