ऊना, 14 अगस्त - जिला ऊना के संतोषगढ़ कस्बे में ख्वाजा खिज्जर जिंदा पीर बेड़ा कमेटी संतोषगढ़ की ओर से 24वां वार्षिक गायन दरबार व भण्डारे का आयोजन 12-13 अगस्त को ख्वाजा पीर मंदिर संतोषगढ़, में किया गया। ख्वाजा पीर मंदिर के मुख्य सेवादार गद्दीनशीन आशिक़े ख्वाजा कृष्ण साईं जी, प्रधान राजिंदर झल्ल, उपप्रधान जुगल किशोर ने संयुक्त रूप से बताया है कि यह धार्मिक कार्यक्रम प्रतिवर्ष एक विशेष त्योहार के रूप में आयोजित किया जाता है।
कार्यक्रम का आगाज मंगलवार 12 अगस्त को शोभा यात्रा के साथ हुआ। अजौली शिव मंदिर से विशाल शोभा-यात्रा शुरू होकर अजौली, पूना, बीनेवाल, मजारा, सनोली होते हुए संतोषगढ़ नगर में पहुँची। रात को भण्डारे का आयोजन किया गया। उपरांत पंजाब के मशहूर कव्वालों द्वारा ख्वाजा पीर जी के दरबार में हाजरी लगाई गई। जिसमें इशरत गुलाम अली कव्वाल मलेरकोटला वालों ने अपनी कव्वालियों द्वारा ख्वाजा पीर जी का गुणगान किया। एक से एक बढ़कर एक सुफियाना भजन पेश कर सभी को मन्त्रमुगध कर दिया। जिस दौरान रात 12 बजे मेंहदी की रस्म अदा की गई।
13 अगस्त को सुबह 09 बजे कमेटी द्वारा झण्डे और गद्दी की रस्म अदा की गई। उपरांत गायन दरबार व भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब के मशहूर कलाकार हैप्पी शाहवाज़, किट्टू नंगल, शोंकी आदि कलाकारों ने अपनी एक से एक बढ़कर एक सुफियाना भजन पेश कर सभी को मन्त्रमुगध व झूमने-नाचने पर मजबूर कर दिया। सायं छह बजे पुरे विधि विधान व हर्षोउल्लास के साथ स्वां नदी में बेड़ा छोड़ा गया।
इस अवसर पर राजिंदर, जुगल किशोर, शिव कुमार, पंकज बिल्ला, महादेव, बिल्ला नानग्रां, शिव नानग्रां, शाम, हैप्पी, कार्तिक, गौरी, रोहित, हुक्मा, भाशु, बंश, हिमांशु, बाबु, राज कुमार, सागर, धनु, कर्ण ववला, विजय ऊना, पंकज चौधरी, सुखविंदर, अभिषेक, अंकु, हर्ष, काला, हनी, कन्नू, तनिष्क, तुषार अन्य सेवादार व हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
नगर परिषद संतोखगढ़ में स्थित ख्वाजा पीर मंदिर में 24वां बेड़ा पुरे हर्षोउल्लास के साथ स्वां नदी में छोड़ा गया।
