संतोषगढ़/ऊना, 21 जनवरी:- नगर परिषद संतोषगढ़ स्थित ऐतिहासिक श्रीगुरु रविदास मंदिर में दो दिवसीय सालाना 21-22 जनवरी जोड़ मेले एवं घल्लू घारा दिवस का आगाज बुधवार को फतेह यात्रा के साथ हुआ। इस बार 20वें जोड़ मेले को संत मीराबाई को समर्पित किया गया है। श्रद्धाभाव से हुई शुरुआत में संत समाज संग मिलकर हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने सोहं शब्द अंकित झंडा दिखाकर गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा स्वरूप एवं आदि प्रकाश ग्रन्थ से सुशोभित पालकी को रवाना किया। 
जबकि आयोजन की अध्यक्षता जोड़ मेला कमेटी के चेयरमैन बलवंत सिंह ने की। इस दौरान मुख्य रूप से खुरालगढ़ साहिब चरण छोह गंगा के प्रधान संत सुरिंदर दास, डेरा बाबा श्री चंद पूबोवाल से बाबा संतोष दास बिट्टू, हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास साधु सम्प्रदाय सोसाइटी के प्रधान संत रविंदर दास, सन्त ज्ञानानंद महाराज, संत विजय दास जी भनाम, जोड़ मेले के संस्थापक क्रांतिकारी पूर्व विधायक शिंगारा राम सहूंगड़ा के बेटे कुंवर जगवीर सिंह सिद्धू, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य विजय डोगरा शालिनी आदि गण्यमान्य मौजूद रहे। 
हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने कहा कि नगर परिषद संतोषगढ़ के गुरु रविदास मंदिर के जोड़ मेले के संघर्ष में इतिहास है। इसके लिए समाज के लोगों ने और बुद्धिजीवी वर्ग ने संघर्ष किया, इसी का परिणाम है कि आज भव्य मंदिर यहां सुशोभित है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह यहां पर नतमस्तक हुए थे और उन्होंने गुरु रविदास महाराज जी में आस्था प्रकट करते हुए भव्य मंदिर निर्माण का ऐलान किया था। 
कुलदीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में मंदिर प्रकरण के दौरान जितने भी महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग, बच्चे जेल के अंदर रहे थे उनके संघर्ष को कभी बुलाया नहीं जा सकता। कहा राज्य सरकार सर्वधर्म सद्भाव का लक्ष्य लेकर हिमाचल प्रदेश में विकास पद पर आगे बढ़ रही है।  हमें एकजुट होकर समाजिक उत्थान के लिए लड़ाई लड़नी है, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान में हमारे हकों को दर्ज किया है, इसलिए आज तक हम सुरक्षित हैं, अन्यथा संविधान विरोधी ताकतें इन्हें अब तक खत्म कर चुकी होती।
 इस दौरान श्री गुरु रविदास जोड़ मेला कमेटी के अध्यक्ष बलवंत सिंह की अगुवाई में कुलदीप धीमान का स्वागत ढोल नगाड़ों के बीच किया गया जबकि स्थानीय गुरु रविदास मंदिर कमेटी के प्रधान एडवोकेट कुलविंदर सिंह और सदस्यों ने उन्हें सिरोपा गुरु रविदास महाराज का चित्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व संतोषगढ़ गुरु रविदास सभा के सदस्यों के साथ सभी ने स्थानीय गुरु रविदास मंदिर में माथा टेका। 
गुरु रविदास महाराज के जयकारों के बीच फतेह यात्रा का आरंभ गुरु रविदास महाराज के फोटो को सुशोभित कर सुंदर पालकी में सजाई गई। जिसमें दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ श्री गुरु रविदास महाराज का गुणगान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया। यात्रा संतोषगढ़ से होते हुए खानपुर, नंगड़ा, जनकौर, ऊना मुख्यालय, बहडाला, मैहतुपर, बसदेहड़ा तथा छत्तरपुर टाडा से संतोषगढ़ गुरु रविदास मंदिर में संपन्न हुई। 
शोभा यात्रा के दौरान ट्रैक्टर ट्रालियों में मौजूद श्रद्धालुओं ने सोहं, सोहं, सतगुरु प्यारे,  मीठे लगदे गुरु जी तेरे बोल, गुरु रविदास आजा तेरी लोड़,
असी उडदे आसरे तेरे, जय गुरु देव जाप व गुरु रविदास के जयकारों ने समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। युवा संगत मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरु के जयकारों सहित डीजे पर धार्मिक धुनों पर नाच कर अपनी खुशी का इजाहार किया। विभिन्न गांवों में शोभायात्रा के स्वागत में नंगड़ा, बेहली मोहल्ला, देहलां, बसदेहड़ा और छतरपुर टाडा में संगत ने पलकें बिछाई। बहडाला में संगत के लिए लंगर का प्रबंध किया गया।
   जहां पर फतेह यात्रा में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद को ग्रहण किया। जोड़ मेला के चेयरमैन बलवंत सिंह ने 20 वर्ष पूर्व संतोषगढ़ में सरकारी तंत्र ने कुछ नीच मानसिकताके लोगों के साथ मिलकर गुरु रविदास महाराज के मंदिर को गिरा दिया। मंदिर में आस्था रखने वाली गुरु रविदास नामलेवा संगत ने जब मंदिर बचाव किया तो उनको पुलिस प्रशासन ने कुछ राजनीतिक और स्थानीय जातिवादी लोगों के इशारे पर प्रताड़ित किया गया। 103 लोग जेल में किये गए। 
उसी दौरान हुए संषर्ष की जीत का परिणाम 21 -22 जनवरी जोड़ मेला है। दो दिवसीय मेले के संस्थापक शिंगारा राम सहूंगड़ा ने फतेह शोभा यात्रा के रूप में शुरू किया गया है। सूरज चांद और रहती दुनिया तक तक यह जोड़ मेला बढ़ चढ़कर चलेगा और सद्भावना का संदेश देगा। 

ये रहे मौजूद:- फतेह यात्रा में गुरु रविदास धार्मिक सभा संतोषगढ़ के प्रधान कुलविंद्र बैंस, वरिष्ठ उपप्रधान कश्मीरी लाल, उप प्रधान कश्मीरी लाल, बचन चंद पटेल, सचिव मनोहर लाल, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार बस्सन, सुरजीत सिंह, राज कुमार महें, मदन लाल सहगल, बलवीर सिंह बबलू, तरसेम लाल बसन, विक्की बसन, नरेश कुमार सिंघा , सुलिन्दर चोपड़ा, गुरु रविदास महासभा ऊना के जिलाध्यक्ष शकुंतला संधू, अधिवक्ता नरेश कुमार सैंसोवाल, लव बैंस, पंकज, हंस राज, मूल राज  आदि सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।