हांसी: एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि दस रूपए का सिक्का भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया गया वैध चलन है। इसे लेकर आमजन में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। किसी भी दुकानदार, व्यापारी या संस्था द्वारा 10 रूपए के सिक्के लेने से इंकार करना कानूनन गलत है।
एसडीएम ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बार-बार स्पष्ट किया है कि 10 रुपए के सिक्के पूरी तरह वैध मुद्रा हैं और हर प्रकार के लेन-देन में स्वीकार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें कुछ दुकानदार 10 रूपए के सिक्के लेने से मना करते हैं।
इस तरह का व्यवहार उपभोक्ताओं को असुविधा देने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन भी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई दुकानदार या व्यापारी दस रूपए का सिक्का लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस संदर्भ में संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम राजेश खोथ ने आमजन से भी अपील की कि वे 10 रूपए के सिक्के को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जनता का सहयोग जरूरी है। सिक्के और नोट दोनों ही समान रूप से वैध मुद्रा हैं और इनका आदान-प्रदान बिना किसी बाधा के होना चाहिए।
एसडीएम ने बताया कि यदि कोई दुकानदार वैध भारतीय मुद्रा (सिक्के या नोट) लेने से इनकार करता है, तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसा करने पर दुकानदार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 489A-E के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जुर्माना या कारावास हो सकता है।
दस रूपए का सिक्का वैध मुद्रा, दुकानदार लेने से नहीं कर सकते इंकार : एसडीएम राजेश खोथ
