नवांशहर- डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान, बहादुरी और विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों से भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए पंजीकरण कराने की अपील की है।
डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पुरस्कार हर साल उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने बहादुरी का कोई अनूठा कार्य किया हो या जिन्होंने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विशेष उपलब्धियां हासिल की हों।
उन्होंने बताया कि इसमें खेल, समाज सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला, संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में ऐसे बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के योग्य उत्कृष्ट योगदान या उपलब्धियां हासिल की हों। उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के लिए पात्र बच्चे भारत के नागरिक होने चाहिए और उनकी आयु 18 वर्ष तक होनी चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने अपील की कि यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर का है जिसके लिए जिले के प्रतिभाशाली बच्चों का पंजीकरण करवाया जाना चाहिए ताकि इन बच्चों को एक अलग पहचान मिल सके। अधिक जानकारी के लिए जिला प्रशासनिक परिसर के तीसरी मंजिल स्थित जिला बाल संरक्षण अधिकारी के कार्यालय, कमरा नंबर 413 में संपर्क किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मांगी गई योग्यता रखने वाले बच्चे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की वेबसाइट https://awards.gov.in पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
वेबसाइट पर पंजीकरण करवाने की अंतिम तिथि 31.07.2025 तक है। पुरस्कार में एक पदक और प्रशंसा पत्र होता है, जो माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिया जाता है। इसके अलावा बहादुरी पुरस्कार के लिए प्रसिद्ध "भारत बाल कल्याण परिषद" को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कोई मान्यता या सहायता नहीं दी जाती है।
इसलिए "भारत बाल कल्याण परिषद" द्वारा जारी किए जाने वाले किसी भी प्रकार के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए पंजीकरण नहीं करवाया जाना चाहिए, इसलिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की वेबसाइट https://awards.gov.in पर पंजीकरण करवाया जाना चाहिए।
