रतिया, 4 फ़रवरी:- महाविद्यालय योग प्रकोष्ठ, आयुष विभाग एवं हरियाणा योग आयोग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में योग को जन-जन तक पहुँचाने तथा स्वस्थ जीवन-शैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सूर्य नमस्कार अभियान के अंतर्गत शहीद दविन्द्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, रतिया में सूर्य नमस्कार का विशेष कार्यक्रम  आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया।
योग सहायक पूजा कटारिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। योगाभ्यास में विशेष रूप से सूर्य नमस्कार, कपालभाति क्रिया, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास करवाया गया। योग विशेषज्ञों ने छात्राओं को योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। योग सहायक पूजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार अभियान को जिले के प्रत्येक गाँव तक पहुँचाया जा रहा है तथा इस अभियान से विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। युवाओं को योग अपनाकर नशा, तनाव एवं असंतुलित जीवन-शैली से दूर रहना चाहिए। महाविद्यालय जन सम्पर्क अधिकारी प्रो सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि प्राचार्य परमजीत संधा ने अपने संबोधन में आयुष विभाग एवं योग आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार अभियान जैसी पहल वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ विद्यार्थी ही स्वस्थ समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। प्राचार्य ने भविष्य में भी इस प्रकार के योग शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम महाविद्यालय में आयोजित करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय योग प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. सीमा ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर हम अनेक रोगों से बच सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। इससे एकाग्रता, स्मरण शक्ति एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम के अंत में आयुष विभाग की योग टीम का धन्यवाद किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।