हांसी:– उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष राहुल नरवाल के मार्गदर्शन में आयोजित समर कैंप का समापन मंगलवार को बाल भवन में अत्यंत उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के बीच संपन्न हुआ। समापन समारोह में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह तथा प्रेरणादायी संबोधनों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र मलिक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रविंद्र अत्री, प्रधान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन उपस्थित रहे। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से दोनों अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों ने देशभक्ति गीतों, हरियाणवी लोक संस्कृति, समूह नृत्य, संगीत, योग, चित्रकला तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के आत्मविश्वास, अनुशासन, मंच संचालन क्षमता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
 खंड शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र मलिक ने कहा कि समर कैंप बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण पाठशाला हैं। ऐसे शिविर बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, रचनात्मक सोच, टीम भावना और सामाजिक मूल्यों का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों का नैतिक, सांस्कृतिक, मानसिक और सामाजिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में रविंद्र अत्री ने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया से बाहर निकालकर उनकी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि समर कैंप बच्चों को नई चीजें सीखने, नए मित्र बनाने, टीम भावना विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश बिब्यान ने कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद का उद्देश्य बच्चों के लिए ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, जहां वे शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी विकास कर सकें। उन्होंने बताया कि समर कैंप के दौरान बच्चों को योग, संगीत, नृत्य, कला, खेल, व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा तथा अनेक रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के विश्वास और सहयोग के बिना ऐसे कार्यक्रमों की सफलता संभव नहीं है तथा परिषद भविष्य में भी बच्चों के हित में इसी प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
समारोह के दौरान समर कैंप में भाग लेने वाले सभी बच्चों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों ने जिला बाल कल्याण परिषद की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से मुख्य अतिथि जोगेंद्र मलिक एवं विशिष्ट अतिथि रविंद्र अत्री को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश बिब्यान ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों, परिषद के कर्मचारियों तथा समर कैंप को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मोनिका, धर्मबीर, अमरजीत, निर्मल, गीता, मनीषा, राधा, सुमन जांगड़ा, टिंकू, नेहा, इशिका, मनिका सहित जिला बाल कल्याण परिषद का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।