गढ़शंकर, 16 जनवरी- सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल धमाई के विद्यार्थियों व स्टाफ ने मिलकर देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले व बीबी फातमा शेख को याद किया तथा इस विषय पर चर्चा की। 
इस दौरान विभिन्न स्टाफ सदस्यों मुकेश कुमार, कुलविंदर कौर, मधु संबियाल व बलकार सिंह मघानिया ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा फुले की प्रगतिशील सोच व उनके मित्रों उस्मान शेख व फातिमा शेख के सहयोग से लड़कियों की शिक्षा के लिए जो कार्य किया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। 
उन्होंने कहा कि जब ज्योतिबा फुले ने सावित्री बाई को शिक्षित करने का प्रयास किया तो उनका विरोध घर से ही शुरू हो गया था तथा उन्हें घर से निकाल दिया गया था। ज्योतिबा फुले के मित्र उस्मान शेख और उनकी बहन फातिमा शेख ने इस दंपत्ति को अपने घर में शरण दी और उस्मान शेख के घर में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला और हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जो रूढ़िवादी लोगों को पसंद नहीं आया। 
आधुनिक समय में लड़कियों की शिक्षा के अवसर कम होते जा रहे हैं। इस समय स्कूल स्टाफ सदस्य कमलजीत कौर, खुशविंदर कौर, दीपक कौशल, पूजा भाटिया, परमजीत सिंह और जसवीर सिंह मौजूद थे।