चंडीगढ़, 3 जून:- 4161 मास्टर काडर रिकास्ट सूचियां अध्यापक पंजाब संगठन ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के साथ तय बैठकों का समय बार-बार आगे बढ़ाने के खिलाफ निंदा व्यक्त की है। इस संबंध में प्रेस को जानकारी देते हुए संगठन के नेताओं बलकार सिंह मंगहाणियां और लवप्रीत सिंह खालसा ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत बनी समिति द्वारा सूचियां संशोधित करके पिछले तीन वर्षों से काम कर रहे अध्यापकों को उनके प्रोबेशन काल पूरा करने से एक दिन पहले सेवा समाप्ति संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 
इससे उनकी सेवा के आगे संकट खड़ा हो गया है। इसके खिलाफ संगठन ने भ्रातृ अध्यापक संगठनों के सहयोग से 8 मई को शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मोहाली प्रशासन ने 15 मई को शिक्षा सचिव के साथ बैठक तय करवाई थी। 
लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी वह बैठक बार-बार आगे बढ़ाई जा रही है। इसी तरह, इन अध्यापकों द्वारा शिक्षा मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करने के बाद आनंदपुर साहिब प्रशासन ने भी शिक्षा मंत्री के साथ बैठक फिक्स करवाई थी, लेकिन अंतिम समय पर आकर उसे भी आगे बढ़ा दिया गया।
नेताओं ने बताया कि पीड़ित अध्यापक लगातार ईमानदारी से स्कूलों में सेवाएं निभाने के साथ-साथ जनगणना, नशा जनगणना और विशेष सघन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) की ड्यूटियां भी निभा रहे हैं और वे शिक्षा विभाग की चयन प्रक्रिया से गुजरकर नियुक्त हुए हैं। लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा अदालत के फैसले की आड़ में इन अध्यापकों की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव लाया जा रहा है। नेताओं ने इसके खिलाफ 11 जून को शिक्षा मंत्री के गांव गंभीरपुर में धरना देकर मंत्री की कोठी की ओर मार्च करने का ऐलान करते हुए सभी भ्रातृ संगठनों से इस धरने में पहुंचने की अपील की है।
इस अवसर पर बलविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, कुलवंत सिंह, मनप्रीत सिंह, कृष्ण सिंह, जसपाल सिंह, सुरेश कुमार आदि अध्यापक उपस्थित थे।