चंडीगढ़- शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व अध्यक्ष बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ ने कहा है कि एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक के दुरुपयोग के ज़रिए कुछ शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को भड़काने और आहत करने की साज़िश रच रहे हैं, जो बेहद निंदनीय और चिंताजनक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे अपराधियों के ख़िलाफ़ तुरंत सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे, ताकि किसी भी धर्म या समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले तत्वों को बढ़ावा न मिले।
बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ ने कहा कि धार्मिक स्थलों और भावनाओं से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एआई जैसी तकनीक मानव कल्याण और विकास के लिए है, लेकिन अगर इसका ग़लत इस्तेमाल किया गया तो यह सामाजिक शांति और सद्भाव के लिए बड़ा ख़तरा बन सकती है।
उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार से तुरंत सख़्त नीतियाँ बनाने की माँग की ताकि आने वाले समय में ऐसी शरारतों पर पूरी तरह से रोक लग सके।
बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ ने कहा कि एआई एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसका अगर सही इस्तेमाल किया जाए तो शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोज़गार के क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। इस तकनीक की वजह से लोगों को तेज़ी से सुविधाएँ और बेहतर अवसर मिल सकते हैं। लेकिन अगर इसका गलत इस्तेमाल किया जाए तो यह फायदे की बजाय बड़ा नुकसान भी पहुँचा सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आजकल डीपफेक वीडियो, झूठी जानकारी और धार्मिक ग्रंथों के चित्रात्मक विरूपण, धार्मिक स्थलों के साथ छेड़छाड़ करके लोगों में अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं। इस तरह के चलन न केवल लोगों में ग़लतफ़हमी पैदा करते हैं बल्कि सामाजिक और धार्मिक एकता के लिए भी गंभीर ख़तरा बन सकते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि टेक्नोलॉजी कंपनियाँ और सरकार मिलकर इन मामलों पर तुरंत नज़र रखें।
उन्होंने अंत में कहा कि लोगों को भी सावधान रहने की ज़रूरत है और किसी भी धार्मिक या सामाजिक मुद्दे से जुड़ी डिजिटल सामग्री साझा करने से पहले पूरी तरह से जाँच-पड़ताल कर लेनी चाहिए। समाज के हर वर्ग की ज़िम्मेदारी है कि वे एआई का इस्तेमाल कल्याण के साधन के रूप में करें, न कि शांति भंग करने के हथियार के रूप में।